AMERIKA: ट्रंप ने भारत, चीन और पाकिस्तान सहित 23 देशों पर लगाए गंभीर आरोप
DELHI दिल्ली: टैरिफ को लेकर अमेरिका और भारत के बीच पैदा हुए तनाव को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मंगलवार देर रात बातचीत हुई। बातचीत का अवसर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन था। दोनों नेताओं के बीच वार्ता सकारात्मक रही और कोशिश की जा रही है कि द्विपक्षीय रिश्तों को फिर से पटरी पर लाया जाए। हाल ही में दिल्ली में अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता भी हुई थी। इसी बीच, अमेरिकी सरकार ने कांग्रेस में एक रिपोर्ट पेश की है जिसमें भारत को ड्रग्स ट्रांजिट और अवैध ड्रग्स उत्पादन करने वाला देश बताया गया है। ट्रंप प्रशासन ने प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन के तहत 23 देशों की एक सूची कांग्रेस को सौंपी है, जिनपर अमेरिका में नशे की दवाओं और उनके उत्पादन में शामिल होने का आरोप है
इस सूची में भारत, पाकिस्तान, चीन, अफगानिस्तान, बहामास, बेलीज, बोलीविया, म्यांमार, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन रिपब्लिक, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, जमैका, लाओस, मैक्सिको, निकारागुआ, पनामा, पेरू और वेनेज़ुएला शामिल हैं।
रिपोर्ट में पांच देशों – अफगानिस्तान, बोलीविया, म्यांमार, कोलंबिया और वेनेज़ुएला – पर विशेष आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने मादक पदार्थ विरोधी कर्तव्यों का सही पालन नहीं किया। अमेरिका ने इन देशों को काउंटर-नार्कोटिक्स प्रयासों को मज़बूत करने का निर्देश दिया है। चीन पर अमेरिका ने कड़ा बयान दिया है और कहा कि चीन विश्व का सबसे बड़ा केमिकल सप्लायर है, जो फेंटेनिल और अन्य केमिकल नशों के उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है। चीन से निकले केमिकल्स दुनिया भर में नए तरह की नशे की लत पैदा कर रहे हैं। अमेरिकी सरकार का कहना है कि नए तरह के केमिकल्स और ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम के चलते फेंटेनिल जैसी दवाओं की अवैध तस्करी अमेरिका में बड़ी समस्या बन गई है। ड्रग्स तस्करी की वजह से अमेरिका में राष्ट्रीय आपात जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। यह रिपोर्ट अमेरिकी कांग्रस को देश में नशे की बढ़ती समस्या और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स की तस्करी के प्रति कदम उठाने के लिए दी गई है। अमेरिका का कहना है कि ऐसे देशों पर नजर रखना और उनके खिलाफ कड़े कदम उठाना जरूरी है ताकि ट्रांसनेशनल ड्रग नेटवर्क को कमजोर किया जा सके। इस बीच, अमेरिका-भारत के बीच व्यापारिक तनाव को कम करने की कोशिशें भी जारी हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की सकारात्मक बातचीत को द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।