IND-W vs ZIM-W: भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेले जा रहे वनडे मुकाबले में भारतीय स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटक लिए हैं। वैष्णवी की घातक गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे की बल्लेबाज लगातार संघर्ष करती नजर आईं। उन्होंने पहले मोडेस्टर मुपाचिक्वा और बेलव्ड बिजा को आउट किया। इसके बाद मिशेल मावुंगा और कप्तान जोसेफिन एनकोमो को पवेलियन भेजकर जिम्बाब्वे को छठा झटका दिया। 42 ओवर की समाप्ति तक जिम्बाब्वे ने छह विकेट खोकर 180 रन बनाए थे।
वैष्णवी शर्मा ने नौ ओवर में महज 35 रन देकर चार विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने एक मेडन ओवर भी डाला। उनकी सटीक गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को लगातार दबाव में रखा। भारतीय टीम की ओर से श्री चरणी और सायली सतघरे ने भी एक-एक विकेट लेकर महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वैष्णवी शर्मा ने झटके चार विकेट
भारतीय टीम की युवा स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने इस मुकाबले में अपनी गेंदबाजी से खास प्रभाव छोड़ा। उन्होंने धीमी गति, फ्लाइट और टर्न का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों को परेशान किया।
वैष्णवी ने अपना पहला विकेट मोडेस्टर मुपाचिक्वा के रूप में हासिल किया। मुपाचिक्वा 49 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रही थीं और अर्धशतक से केवल एक रन दूर थीं। लेकिन वैष्णवी की गेंद पर कट शॉट खेलने के प्रयास में वह कैच आउट हो गईं।इसके बाद वैष्णवी ने बेलव्ड बिजा को 34 रन पर एलबीडब्ल्यू आउट किया। यह विकेट भारतीय टीम को डीआरएस के जरिए मिला।वैष्णवी ने तीसरे विकेट के रूप में मिशेल मावुंगा को बोल्ड किया और चौथी सफलता कप्तान जोसेफिन एनकोमो को एलबीडब्ल्यू आउट करके हासिल की।
40वें ओवर में मावुंगा को किया बोल्ड
जिम्बाब्वे की पारी के 40वें ओवर में वैष्णवी शर्मा ने मिशेल मावुंगा को बोल्ड कर भारत को पांचवीं सफलता दिलाई।ओवर की तीसरी गेंद पर वैष्णवी ने शानदार फ्लाइटेड डिलीवरी डाली। गेंद मिडिल स्टंप की लाइन पर पिच हुई और हल्का टर्न लेकर ऑफ स्टंप के ऊपरी हिस्से से टकरा गई।मावुंगा ने गेंद को लेग साइड में बड़ा शॉट लगाने का प्रयास किया, लेकिन वह गेंद की दिशा और टर्न को समझने में नाकाम रहीं।गेंद सीधे स्टंप से टकराई और मावुंगा की पारी समाप्त हो गई। उन्होंने छह गेंदों पर तीन रन बनाए।इस विकेट के साथ वैष्णवी शर्मा ने मुकाबले में अपना तीसरा विकेट हासिल किया।
कप्तान एनकोमो को आउट कर पूरा किया चौथा विकेट
वैष्णवी शर्मा ने जिम्बाब्वे की कप्तान जोसेफिन एनकोमो को आउट करके अपना चौथा विकेट हासिल किया।यह सफलता जिम्बाब्वे की पारी के 42वें ओवर की तीसरी गेंद पर मिली। वैष्णवी ने एक शानदार स्लाइडर गेंद डाली, जो बल्लेबाज के सामने तेजी से नीचे आई।
एनकोमो गेंद को सही तरीके से नहीं खेल सकीं और गेंद उनके बल्ले को छकाते हुए सीधे पैड पर लगी।भारतीय खिलाड़ियों की अपील पर मैदानी अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया।इसके बाद जिम्बाब्वे ने डीआरएस का सहारा लिया, लेकिन बॉल ट्रैकिंग में गेंद मिडिल और लेग स्टंप से टकराती दिखाई दी।तीसरे अंपायर ने मैदानी फैसले को बरकरार रखा और एनकोमो को पवेलियन लौटना पड़ा।उन्होंने 36 गेंदों में 20 रन बनाए, जिसमें दो चौके शामिल रहे।
डीआरएस में भी नहीं बच सकीं एनकोमो
कप्तान जोसेफिन एनकोमो के खिलाफ एलबीडब्ल्यू का फैसला आने के बाद जिम्बाब्वे की टीम ने समीक्षा लेने का निर्णय किया।रिप्ले में साफ दिखाई दिया कि गेंद बल्ले से नहीं लगी थी। इसके बाद बॉल ट्रैकिंग में तीनों संकेत गेंदबाज के पक्ष में आए।गेंद मिडिल और लेग स्टंप से टकराती दिखाई दी। इसके कारण मैदानी अंपायर का आउट का फैसला बरकरार रहा।इस विकेट के साथ जिम्बाब्वे का स्कोर छह विकेट पर 179 रन हो गया। ओवर की अंतिम गेंद पर चिएड्जा धुरुरु ने एक रन लेकर टीम का स्कोर 180 तक पहुंचाया।
वैष्णवी ने 9 ओवर में दिए सिर्फ 35 रन
वैष्णवी शर्मा के गेंदबाजी आंकड़े उनकी शानदार लय को दर्शाते हैं।उन्होंने नौ ओवर में केवल 35 रन खर्च किए और चार महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने एक मेडन ओवर भी डाला।वैष्णवी ने अपनी गेंदों की गति में बदलाव करते हुए बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। उनकी फ्लाइटेड गेंदों के सामने जिम्बाब्वे की बल्लेबाज खुलकर शॉट नहीं खेल सकीं।उन्होंने एक बल्लेबाज को कैच आउट कराया, एक को बोल्ड किया और दो बल्लेबाजों को एलबीडब्ल्यू आउट किया।उनकी इस गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे की पारी को बड़े स्कोर की ओर बढ़ने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शेफाली वर्मा के ओवर में बने 12 रन
जिम्बाब्वे की पारी के 39वें ओवर में कप्तान जोसेफिन एनकोमो ने शेफाली वर्मा के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी की।ओवर की पहली गेंद पर एनकोमो ने एक्स्ट्रा कवर की दिशा में शानदार चौका लगाया। इसके बाद उन्होंने दो रन और एक रन लेकर स्कोर आगे बढ़ाया।
ओवर की पांचवीं गेंद पर उन्होंने एक और चौका लगाया। हालांकि इस गेंद पर विकेटकीपर ऋचा घोष के पास कैच पकड़ने का मुश्किल मौका था, लेकिन गेंद उनके दस्तानों से निकलकर बाउंड्री तक पहुंच गई।इस ओवर में कुल 12 रन बने और जिम्बाब्वे का स्कोर 39 ओवर के बाद चार विकेट पर 166 रन पहुंच गया।
तेजल ने बाउंड्री पर दिखाई शानदार फील्डिंग
41वें ओवर में शेफाली वर्मा की गेंद पर न्याशा ग्वांजुरा ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की।बाउंड्री के पास मौजूद तेजल ने शानदार फील्डिंग करते हुए गेंद को पकड़ा, लेकिन उन्हें महसूस हुआ कि उनका संतुलन सीमा रेखा के बाहर जा सकता है।ऐसे में उन्होंने समय रहते गेंद को हवा में उछाल दिया और फिर मैदान के भीतर गेंद को रोक लिया।इस प्रयास से जिम्बाब्वे की टीम को केवल एक रन मिला। शेफाली वर्मा को शुरुआत में लगा कि कैच पूरा हो गया है, लेकिन बल्लेबाज आउट नहीं हुईं।
सायली सतघरे ने संभाली गेंदबाजी
43वें ओवर में भारतीय टीम ने सायली सतघरे को गेंदबाजी के लिए वापस बुलाया।सायली ने इससे पहले सात ओवर में 25 रन देकर एक विकेट हासिल किया था।43वें ओवर की पहली गेंद पर चिएड्जा धुरुरु ने एक रन लिया। इसके बाद दूसरी गेंद पर न्याशा ग्वांजुरा ने भी एक रन बनाकर स्ट्राइक बदली।इस समय तक जिम्बाब्वे की टीम छह विकेट गंवा चुकी थी और भारतीय गेंदबाजों ने मुकाबले पर दबाव बनाए रखा था।
जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी रही दबाव में
जिम्बाब्वे की ओर से मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने 49 रन और चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने 46 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।इसके अलावा बेलव्ड बिजा ने 34 रन और कप्तान जोसेफिन एनकोमो ने 20 रन बनाए।हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को दबाव में रखा।वैष्णवी शर्मा ने चार विकेट लेकर सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। वहीं श्री चरणी और सायली सतघरे ने एक-एक विकेट हासिल किया।
Tags: