IND-W vs ZIM-W: भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेले जा रहे वनडे मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारतीय स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने एक बार फिर महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाज बेलव्ड बिजा को 34 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। वैष्णवी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए भारत को चौथा विकेट दिलाया। खास बात यह रही कि बिजा को आउट देने के लिए भारतीय टीम ने डीआरएस का सहारा लिया और तीसरे अंपायर के फैसले के बाद उन्हें एलबीडब्ल्यू करार दिया गया। 38 ओवर की समाप्ति तक जिम्बाब्वे का स्कोर चार विकेट पर 154 रन था।
भारतीय टीम की ओर से वैष्णवी शर्मा ने लगातार सटीक गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने इससे पहले मोडेस्टर मुपाचिक्वा को 49 रन पर आउट किया था। अब बेलव्ड बिजा का विकेट लेकर उन्होंने मुकाबले में अपना दूसरा विकेट हासिल किया। दूसरी ओर दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने भी किफायती गेंदबाजी करके जिम्बाब्वे की रन गति को नियंत्रित रखा।
वैष्णवी शर्मा ने बिजा को किया एलबीडब्ल्यू
जिम्बाब्वे की पारी के 38वें ओवर में वैष्णवी शर्मा ने भारत को चौथी सफलता दिलाई। ओवर की चौथी गेंद पर बेलव्ड बिजा ने स्वीप शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन गेंद बल्ले से संपर्क किए बिना उनके हाथ के ऊपरी हिस्से पर लगी।
भारतीय खिलाड़ियों ने एलबीडब्ल्यू की अपील की, लेकिन मैदानी अंपायर ने बल्लेबाज को आउट नहीं दिया। इसके बाद भारतीय टीम ने फैसले को चुनौती देते हुए डीआरएस लेने का निर्णय किया।
तीसरे अंपायर ने तकनीकी जांच के दौरान पाया कि गेंद बल्ले से नहीं लगी थी। अल्ट्राएज में भी बल्ले और गेंद के संपर्क का कोई संकेत नहीं मिला। इसके बाद बॉल ट्रैकिंग में तीनों संकेत भारत के पक्ष में आए।इस आधार पर मैदानी अंपायर का फैसला बदल दिया गया और बेलव्ड बिजा को एलबीडब्ल्यू आउट करार दिया गया।बिजा ने 49 गेंदों का सामना करते हुए 34 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके शामिल रहे।
वैष्णवी शर्मा ने झटके दो महत्वपूर्ण विकेट
भारतीय स्पिन गेंदबाज वैष्णवी शर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी धीमी गेंदों और टर्न के जरिए बल्लेबाजों को परेशान किया।इससे पहले उन्होंने मोडेस्टर मुपाचिक्वा को 49 रन पर आउट किया था। मुपाचिक्वा अपना अर्धशतक पूरा करने से केवल एक रन दूर थीं, लेकिन वैष्णवी की गेंद पर कट शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट हो गईं।उस विकेट पर स्थानापन्न फील्डर हरलीन देओल ने बैकवर्ड प्वाइंट पर शानदार कैच पकड़ा था।अब बेलव्ड बिजा को एलबीडब्ल्यू आउट करके वैष्णवी ने अपना दूसरा विकेट हासिल किया। 38 ओवर की समाप्ति तक उनके गेंदबाजी आंकड़े सात ओवर में 26 रन देकर दो विकेट रहे। इस दौरान उन्होंने एक मेडन ओवर भी डाला।
डीआरएस ने बदला अंपायर का फैसला
38वें ओवर में बेलव्ड बिजा के खिलाफ लिया गया डीआरएस भारतीय टीम के लिए सफल साबित हुआ।वैष्णवी शर्मा की गेंद पर बिजा ने स्वीप करने की कोशिश की थी, लेकिन गेंद उनके हाथ के ऊपरी हिस्से पर लगी। मैदानी अंपायर ने शुरुआत में उन्हें नॉट आउट दिया।भारतीय खिलाड़ियों को भरोसा था कि गेंद स्टंप से टकरा सकती थी। इसके बाद समीक्षा लेने का निर्णय किया गया।रिप्ले में गेंद और बल्ले के बीच कोई संपर्क नहीं दिखाई दिया। बॉल ट्रैकिंग ने भी पुष्टि की कि गेंद स्टंप से टकराती। इसके बाद तीसरे अंपायर ने फैसला बदलने का निर्देश दिया।इस तरह भारतीय टीम को चौथा विकेट मिल गया।
दीप्ति शर्मा ने बनाया लगातार दबाव
भारतीय टीम की अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा ने भी जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों के खिलाफ किफायती गेंदबाजी की।उन्होंने 33वें ओवर में केवल एक रन दिया। इस दौरान बेलव्ड बिजा और जोसेफिन एनकोमो को खुलकर शॉट खेलने का मौका नहीं मिला।इसके बाद 35वें ओवर में दीप्ति ने पांच रन खर्च किए। बिजा ने इस ओवर में दो बार दो-दो रन लिए, लेकिन कोई बाउंड्री नहीं लगा सकीं।37वें ओवर में भी दीप्ति ने शानदार नियंत्रण दिखाया और केवल दो रन दिए।सात ओवर की समाप्ति तक दीप्ति शर्मा ने 25 रन खर्च किए थे। हालांकि उन्हें कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन उनकी गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे की रन गति पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत का एक डीआरएस रहा असफल
37वें ओवर में भारतीय टीम ने जोसेफिन एनकोमो के खिलाफ भी डीआरएस लिया था।दीप्ति शर्मा की गेंद पर एनकोमो ने स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले को छकाते हुए निकल गई। भारतीय खिलाड़ियों को लगा कि गेंद बल्ले से लगी है।
इसके बाद कप्तान स्मृति मंधाना ने विकेटकीपर ऋचा घोष और गेंदबाज से चर्चा की। डीआरएस का समय समाप्त होने से कुछ सेकंड पहले उन्होंने समीक्षा लेने का फैसला किया।हालांकि अल्ट्राएज में गेंद और बल्ले के संपर्क की पुष्टि नहीं हुई। रिप्ले में बल्ले और गेंद के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई दिया।इस कारण मैदानी अंपायर का नॉट आउट का फैसला बरकरार रहा और भारत की समीक्षा असफल हो गई।
श्री चरणी ने भी की शानदार गेंदबाजी
भारतीय गेंदबाज श्री चरणी ने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार अच्छी गेंदबाजी की।34वें ओवर में उन्होंने सात रन खर्च किए। इस दौरान बेलव्ड बिजा ने एक छोटी गेंद पर शानदार पुल शॉट लगाकर चौका हासिल किया।इसके बाद 36वें ओवर में चरणी ने जबरदस्त वापसी की। उन्होंने छह गेंदों में केवल एक रन दिया।जोसेफिन एनकोमो ने इस ओवर में पांच गेंदों का सामना किया, लेकिन कोई रन नहीं बना सकीं। चरणी की सटीक गेंदबाजी के सामने वह लगातार रक्षात्मक शॉट खेलती रहीं।आठ ओवर की समाप्ति तक श्री चरणी ने 37 रन देकर एक विकेट हासिल किया था।
जिम्बाब्वे की रन गति रही धीमी
जिम्बाब्वे की टीम ने 33 ओवर की समाप्ति तक तीन विकेट पर 138 रन बनाए थे। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा।34वें ओवर में सात रन बने, जबकि 35वें ओवर में पांच रन आए। इसके बाद 36वें ओवर में केवल एक और 37वें ओवर में दो रन बने।38वें ओवर में वैष्णवी शर्मा ने एक रन देकर बेलव्ड बिजा का महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया।इस तरह जिम्बाब्वे ने 38 ओवर में चार विकेट पर 154 रन बनाए। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार किफायती ओवर डालकर बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने से रोके रखा।
39वें ओवर में एनकोमो ने दिखाया आक्रामक अंदाज
जिम्बाब्वे की कप्तान जोसेफिन एनकोमो ने 39वें ओवर में शेफाली वर्मा के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी की।ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने एक्स्ट्रा कवर की दिशा में शानदार चौका लगाया। इसके बाद दूसरी गेंद पर दो रन और तीसरी गेंद पर एक रन लिया।चौथी गेंद पर नई बल्लेबाज मिशेल मावुंगा ने एक रन बनाया।ओवर की पांचवीं गेंद पर एनकोमो ने एक और चौका लगाया। हालांकि इस शॉट पर कैच छूटने का मौका भी बना।इस ओवर में एनकोमो ने तेजी से रन बनाकर जिम्बाब्वे की पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की।
भारतीय टीम की नजर अगले विकेट पर
भारतीय टीम ने 38 ओवर तक जिम्बाब्वे के चार विकेट हासिल कर लिए थे। वैष्णवी शर्मा ने दो विकेट लेकर गेंदबाजी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।वहीं श्री चरणी और सायली सतघरे को एक-एक विकेट मिला। दीप्ति शर्मा ने भी अपनी किफायती गेंदबाजी से दबाव बनाए रखा।जिम्बाब्वे की ओर से जोसेफिन एनकोमो और मिशेल मावुंगा क्रीज पर मौजूद थीं। भारतीय टीम की कोशिश अब जल्द से जल्द पांचवां विकेट हासिल करने की होगी।