नई दिल्ली : जर्मनी की दिग्गज कार कंपनी Volkswagen अपनी सबसे बड़ी छंटनी करने जा रही है। 50 हजार कर्मचारियों को और कम करने की घोषणा कंपनी ने की है। कहा जा रहा है कि 90 दशकों के इतिहास में यह कंपनी की सबसे बड़ी छंटनी होगी। मार्च में कंपनी ने 50,000 नौकरियां कम करने की घोषणा की थी। जिसके बाद अब 50 हजार और लोगों को निकालने की घोषणा हो गई है। यानी 2030 तक इसकी छंटनियों की कुल संख्या 1 लाख तक पहुंचने वाली है! आइए जानते हैं इसके पीछे की बड़ी वजह क्या है।
Volkswagen अपने इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी करने जा रही है। कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड ने कर्मचारियों की संख्या घटाने की नई योजना को मंजूरी दे दी है। फॉक्सवैगन ने मार्च में ही घोषणा कर दी थी कि वह 2030 तक 50,000 नौकरियां कम करेगी। लेकिन अब 50 हजार और लोगों को निकाले जाने की योजना को कंपनी बोर्ड ने मंजूरी दी है। यानी 2030 तक कार बनाने वाली कंपनी द्वारा खत्म की जाने वाली नौकरियों की कुल संख्या 1 लाख होने वाली है।
BBC की रिपोर्ट के अनुसार, Volkswagen के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओलिवर ब्लूम ने गुरूवार को एक बयान में कहा कि यह कदम कंपनी के भविष्य के लिए एक "मजबूत संकेत" है और कंपनी "अपने सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी ले रही है"। बता दें कि इस ग्रुप में Audi, Porsche, Skoda और VW ब्रांड शामिल हैं। ग्रुप अपने चार जर्मन प्लांट के भविष्य पर भी विचार कर रहा है।
ब्लूम ने जुलाई में कहा था कि कंपनी और कटौती करने पर विचार कर रही है। छंटनी की घोषणा का असर कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिला। बीते दिन, यानी शुक्रवार सुबह फ्रैंकफर्ट में कंपनी के शेयरों में लगभग 7% की बढ़ोत्तरी देखी गई। छंटनी की वजह रीस्ट्रक्चरिंग करना है। कंपनी ढांचागत बदलाव करने जा रही है। रीस्ट्रक्चरिंग ऐसे समय में हो रही है जब Volkswagen की सेल्स के साथ-साथ प्रोफिट भी घटता जा रहा है।
कंपनी को मार्केट में प्रतिद्वंदियों से कड़ी टक्कर मिल रही है, खासकर चीनी इलेक्ट्रिक व्हीकल मेकर्स इसे खासा कंपिटीशन दे रहे हैं। प्रतिस्पर्धा के बीच अपना प्रोफिट फिर से हासिल करने और कैपिसिटी को बढ़ाने की कोशिश के चलते कंपनी ने यह कदम उठाया है। कंपनी ने यह भी कहा कि 2035 तक वह अपने बनाए जाने वाले मॉडलों की संख्या में 50% की कटौती करेगी और अपनी पेशकश की जटिलता को 75% तक कम करेगी।