प्रौद्योगिकी। Apple के कथित पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo को लेकर स्क्रीन की मजबूती से जुड़ी शिकायतें चर्चा में हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार, कुछ उपयोगकर्ताओं ने दावा किया है कि फोन को कुछ ही बार खोलने और बंद करने के बाद उसकी फोल्डेबल डिस्प्ले में दरारें दिखाई देने लगीं। इसके बाद कंपनी की ओर से सर्विस सेंटर्स को नए निर्देश जारी किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन शिकायतों की संख्या, तकनीकी कारण और Apple के कथित निर्देशों की स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है।
फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में डिस्प्ले की मजबूती सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। पारंपरिक स्मार्टफोन की तुलना में फोल्डेबल डिवाइस की स्क्रीन को बार-बार मोड़ना पड़ता है। यही वजह है कि ऐसी स्क्रीन के निर्माण में विशेष सामग्री, लचीली परतों और मजबूत हिंज तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
कुछ बार खोलने पर स्क्रीन में दरार आने का दावा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ उपयोगकर्ताओं का कहना है कि उनके फोन की डिस्प्ले में बहुत कम बार खोलने और बंद करने के बाद ही दरारें दिखाई देने लगीं। यदि ऐसे मामले प्रमाणित होते हैं, तो यह फोल्डेबल डिवाइस की गुणवत्ता और टिकाऊपन से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल होगा।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शिकायत करने वाले उपकरणों में दरारें स्क्रीन की ऊपरी सुरक्षात्मक परत पर आईं या वास्तविक डिस्प्ले पैनल प्रभावित हुआ। दोनों स्थितियों में तकनीकी अंतर होता है और मरम्मत की प्रक्रिया भी अलग हो सकती है।
इसके अलावा यह भी जांचना जरूरी है कि स्क्रीन को किसी बाहरी दबाव, गिरने या अन्य भौतिक क्षति का सामना करना पड़ा था या नहीं। बिना तकनीकी परीक्षण के किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
सर्विस सेंटर्स को नए निर्देश देने की चर्चा
रिपोर्ट किए गए दावों के मुताबिक, Apple ने स्क्रीन से जुड़ी शिकायतों के बाद अपने सर्विस सेंटर्स को नए निर्देश दिए हैं। हालांकि, इन निर्देशों में क्या कहा गया है और किन परिस्थितियों में स्क्रीन की मरम्मत या बदलाव किया जाएगा, इसका प्रमाणित विवरण उपलब्ध नहीं है।
आमतौर पर स्मार्टफोन निर्माता तकनीकी शिकायतें सामने आने पर अधिकृत सर्विस सेंटरों के लिए जांच प्रक्रिया निर्धारित करते हैं। इसमें डिवाइस की स्थिति, वारंटी, भौतिक क्षति और संभावित निर्माण संबंधी खराबी की जांच शामिल हो सकती है।
यदि किसी डिवाइस में निर्माण दोष की पुष्टि होती है, तो कंपनी की वारंटी नीति के अनुसार समाधान उपलब्ध कराया जा सकता है। लेकिन सभी स्क्रीन संबंधी शिकायतों को अपने आप वारंटी के अंतर्गत मान लेना सही नहीं होगा।
Apple ने मानी सीमित संख्या में फोन प्रभावित होने की बात
अब इस मामले में कंपनी की ओर से महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। Apple ने स्वीकार किया है कि iPhone Duo की कुछ यूनिट्स की अंदरूनी स्क्रीन में समस्या आई है। कंपनी के अनुसार, अधिकांश डिवाइस इस समस्या से प्रभावित नहीं हैं। प्रभावित ग्राहकों को AppleCare से संपर्क कर फोन बदलवाने की सलाह दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ ग्राहकों के फोन की स्क्रीन पर बीच की फोल्ड लाइन के आसपास दरारें और चमकीली रेखाएं दिखाई दीं। ऑस्ट्रेलिया के एक उपयोगकर्ता ने दावा किया कि फोन को 20 बार से भी कम खोलने-बंद करने के बाद डिस्प्ले खराब हो गई। कुछ अन्य ग्राहकों ने भी खरीदारी के शुरुआती घंटों या दिनों में समस्या सामने आने की जानकारी दी है।
iFixit ने हिंज की बनावट पर उठाए सवाल
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत का विश्लेषण करने वाली संस्था iFixit ने फोन की आंतरिक संरचना का अध्ययन किया है। उसके अनुसार, हिंज के भीतर मौजूद सपोर्ट बार या अन्य हिस्सों के कारण स्क्रीन के किसी विशेष भाग पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है।
हालांकि, यह केवल एक तकनीकी संभावना है। Apple ने अभी तक डिस्प्ले टूटने का निश्चित कारण घोषित नहीं किया है।
क्या कंपनी वापस मंगाएगी फोन?
फिलहाल Apple ने iPhone Duo को वापस मंगाने यानी रिकॉल करने की घोषणा नहीं की है। कंपनी ने कोई अलग सार्वजनिक रिपेयर प्रोग्राम भी शुरू नहीं किया है।
MacRumors की 30 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, Apple ने अपने स्टोर और अधिकृत सर्विस प्रदाताओं को निर्देश दिया है कि शिकायत मिलने पर डिवाइस की जांच की जाए और सामान्य सेवा प्रक्रियाओं के अनुसार उसकी मरम्मत या उसे बदला जाए।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
जिन उपयोगकर्ताओं के iPhone Duo की अंदरूनी स्क्रीन पर दरार, सफेद लाइन या डिस्प्ले खराब होने की समस्या दिखाई दे रही है, उन्हें अधिकृत Apple सर्विस सेंटर या AppleCare से संपर्क करना चाहिए। डिवाइस की खरीदारी का बिल और समस्या से संबंधित तस्वीरें अपने पास रखना उपयोगी होगा।
फिलहाल यह समस्या सीमित यूनिट्स में सामने आने की बात कही गई है। लेकिन Apple के पहले फोल्डेबल आईफोन के लिए स्क्रीन की मजबूती और ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है।