Data प्राइवेसी विवाद फिर चर्चा में

Update: 2026-07-03 14:07 GMT
New Delhi नई दिल्ली :  WhatsApp के ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर चल रहे विवाद के बीच सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में नोटिस जारी होने के बाद शुक्रवार को Meta की एक टीम ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें सरकार की चिंताओं और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, IT मंत्रालय के अधिकारियों ने Meta की टीम को स्पष्ट रूप से बताया कि इस नए फीचर को लेकर सरकार को कई सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी से जुड़ी चिंताएं हैं। मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया कि किसी भी नए डिजिटल फीचर को लागू करने से पहले भारतीय कानूनों और नियमों का पूरी तरह पालन करना जरूरी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद Meta को तीन दिनों की समय-सीमा दी गई है, जिसके भीतर कंपनी को अपना अंतिम जवाब देना होगा। इस जवाब में कंपनी को यह स्पष्ट करना होगा कि वह भारत सरकार की उठाई गई चिंताओं का समाधान कैसे करेगी और यूजरनेम फीचर को किस तरह सुरक्षित बनाया जाएगा।
Meta की टीम ने बैठक के दौरान सरकार को भरोसा दिलाया कि वे सभी चिंताओं को गंभीरता से समझ रहे हैं और तय समयसीमा के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करेंगे। हालांकि, अभी तक कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब दुनियाभर में डेटा प्राइवेसी और डिजिटल सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो रही है। भारत सरकार लगातार इस बात पर जोर दे रही है कि किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘यूजरनेम’ जैसे फीचर्स से जहां एक ओर यूजर्स को सुविधा मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर इससे पहचान छुपाकर दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ सकती है। इसी वजह से सरकार इस फीचर को लेकर सतर्क नजर आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने Meta से यह भी पूछा है कि इस फीचर से स्पैम, साइबर फ्रॉड और फेक अकाउंट्स को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे। सरकार चाहती है कि किसी भी नए बदलाव से पहले पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी और नियमों को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। आने वाले दिनों में Meta का जवाब इस मामले की दिशा तय करेगा।
फिलहाल, सरकार और Meta के बीच बातचीत जारी है और इस मामले को लेकर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि सरकार इस विषय पर आगे और सख्त दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।
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