नई दिल्ली: मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल की आईफोन 18 प्रो सीरीज ने लॉन्च के बाद पहले तीन हफ्तों में वैश्विक स्तर पर साल-दर-साल बिक्री में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के विश्लेषण के अनुसार, सितंबर में इन डिवाइस के लॉन्च होने के बाद के तीन हफ्तों में, आईफोन 18 प्रो और प्रो मैक्स की वैश्विक बिक्री में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नई सीरीज की बिक्री पिछले साल की इसी अवधि में आईफोन 17 प्रो सीरीज की बिक्री से बेहतर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस वृद्धि का कारण पिछले साल के लॉन्च की तुलना में शुरुआती सप्लाई का बेहतर होना और चीनी एंड्रॉइड निर्माताओं के फ्लैगशिप स्मार्टफोन की कीमतों का अधिक होना है।
चीन से मिली अच्छी बिक्री ने अन्य जगहों पर कमजोर प्रदर्शन की भरपाई कर दी।
इसके अलावा, अमेरिका और जापान में साल-दर-साल बिक्री में गिरावट आई, जहां ऊंची कीमतों के कारण मांग पर असर पड़ा।
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि चीन में साल-दर-साल 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
अमेरिका में, ग्राहकों को नए मॉडल में अपने पिछले मॉडलों की तुलना में फीचर्स या डिज़ाइन के मामले में कोई खास सुधार नहीं दिखा।
जापान में, कमजोर एक्सचेंज रेट के कारण कीमतें और बढ़ गईं, जिससे मांग में कमी आई।
लॉन्च के दौरान आईफोन 18 प्रो सीरीज की कुल बिक्री में आईफोन 18 प्रो मैक्स की हिस्सेदारी 56 प्रतिशत रही, जो पिछले साल के 57 प्रतिशत से थोड़ी कम है।
भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे उभरते बाजारों में ऊंची कीमतों और मजबूत मांग ने इस बदलाव में योगदान दिया; इन बाजारों में ग्राहकों ने प्रो मैक्स के बजाय प्रो मॉडल को ज्यादा पसंद किया।
काउंटरपॉइंट रिसर्च की एसोसिएट डायरेक्टर सुजोंग लिम ने कहा, "चीन में दिखा यह बेहतर प्रदर्शन टिकाऊ मांग का नतीजा है या फिर शुरुआत में ही की गई भारी खरीदारी का, यह आने वाले हफ्तों में और स्पष्ट हो जाएगा।"
लिम ने कहा कि अमेरिका और जापान में बिक्री में सुधार, और साथ ही 43वें हफ्ते में होने वाले 'आईफोन डुओ' लॉन्च का असर, आने वाले समय में मांग के रुझान को तय करने वाले अहम कारक होंगे।
इस बीच, रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा कि आईफोन 18 प्रो सीरीज की मांग अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग रही है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे लॉन्च के कारण आई शुरुआती मांग सामान्य होगी, कंपनी बिक्री पर नजर रखना जारी रखेगी। पाठक ने कहा कि स्मार्टफोन को बदलने के लंबे अंतराल, मेमोरी से जुड़ी कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितता के कारण लोग नए फोन लेने (अपग्रेड करने) से बच रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि, भले ही बिक्री की मात्रा में बहुत कम (सिंगल-डिजिट) वृद्धि हो, फिर भी एप्पल को इससे फायदा होगा, क्योंकि इसमें महंगे मॉडल और 'प्रो' लाइनअप में किए गए नए सुधार शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, आईफोन डुओ (iPhone Duo) की प्री-बुकिंग काफी अच्छी चल रही है और फिलहाल इसकी मांग, सप्लाई से कहीं ज्यादा है।
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