मुंबई। गूगल इंडिया ने रविवार को कहा कि भारत जैसे विशाल देश के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं क्योंकि एआई उद्यमियों के लिए बढ़त को वास्तविक अत्याधुनिक उद्यम में बदलने वाला उत्प्रेरक बन सकता है। पहले 'मुंबई टेक वीक' में गूगल इंडिया के कंट्री हेड और वाइस प्रेसिडेंट संजय गुप्ता ने कहा, ''विश्व मंच के साथ-साथ सामाजिक रूप से भारत की पुनरुत्थान की महत्वाकांक्षा, 'भारत को इस तकनीक को अपनाने और दुनिया के लिए उदाहरण बनाने के लिए बिल्कुल सही परिस्थिति प्रदान करती है।''
संजय गुप्ता ने सम्मेलन में कहा, ''गूगल के रूप में यह निश्चित रूप से एक भविष्य है, जिसे हम भारत के साथ मिलकर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जनरेटिव एआई ने पिछले एक साल में लोकप्रिय इमेजिनेशन को कैच लिया है। लेकिन इसकी जबरदस्त क्षमताएं लोकप्रिय चर्चाओं से कहीं अधिक हैं। एआई के पास आज कम समय में कंटेंट को सैकड़ों भाषाओं में अनुवाद करने की क्षमता है। अंग्रेजी के अब इंटरनेट की प्राथमिक भाषा होने की जरूरत नहीं है। यह साक्षरता की चुनौती को पार करते हुए कुछ ही सेकंड में टेक्स्ट को वीडियो में बदल सकता है।
संजय गुप्ता ने आगे कहा कि भारतीय स्टार्टअप्स के बारे में चर्चा तेजी से मूल्यांकन के बारे में कम और दीर्घकालिक मूल्य निर्माण के बारे में अधिक होती जा रही है। संजय गुप्ता ने कहा, "यूपीआई और कोविन जैसे डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे उस सरलता के लिए ग्लोबल केस स्टडी बन गए हैं, जिसके साथ उन्होंने यूजरों को तकनीक के साथ काम करने के लिए मजबूर करने की बजाय यूजर के लिए तकनीकी काम किया है।"
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