स्पोर्ट्स : न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की खराब फॉर्म ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है। टेस्ट क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले जायसवाल इन दिनों रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। न्यूजीलैंड ए के खिलाफ लगातार तीसरी पारी में उनका बल्ला खामोश रहा। शनिवार, 31 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले जा रहे दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में वह बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इससे पहले पहले अनौपचारिक टेस्ट की दोनों पारियों में भी वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे थे। अब सवाल उठने लगा है कि क्या उनका यह खराब प्रदर्शन आगामी भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज में जगह के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है?

यशस्वी के लिए यह समय काफी अहम है, क्योंकि न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज 19 नवंबर से शुरू होने वाली है। ऐसे में उनके पास अपनी बल्लेबाजी की लय वापस पाने के लिए कुछ और मौके हैं। हालांकि, लगातार असफलताओं के बावजूद उन्हें सीधे टीम से बाहर किए जाने का फैसला अभी तय नहीं माना जा सकता।
न्यूजीलैंड ए के खिलाफ लगातार तीसरी पारी में फ्लॉप
यशस्वी जायसवाल का खराब प्रदर्शन न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेले जा रहे अभ्यास मुकाबलों में लगातार देखने को मिल रहा है। दोनों टीमों के बीच पहला चार दिवसीय अनौपचारिक टेस्ट 24 से 27 अक्टूबर तक लिंकन में खेला गया था। इस मुकाबले में जायसवाल पहली पारी में 17 रन बनाकर आउट हुए, जबकि दूसरी पारी में उनके बल्ले से केवल 5 रन निकले।
क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद थी कि दूसरे मुकाबले में वह अपनी फॉर्म में वापसी करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शनिवार को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में शुरू हुए दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में न्यूजीलैंड ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। भारतीय पारी की शुरुआत करने उतरे जायसवाल को तेज गेंदबाज फ्रेजर शीट ने पहले ही ओवर में एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। वह चार गेंदों का सामना करने के बाद बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए।
इस तरह न्यूजीलैंड दौरे पर उनकी पिछली तीन पारियां 17, 5 और 0 रन की रही हैं। लगातार तीन असफलताओं ने आगामी टेस्ट सीरीज से पहले उनकी बल्लेबाजी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछली 9 पारियों में 4 बार शून्य पर आउट
जायसवाल के आंकड़े उनकी मौजूदा परेशानी को और स्पष्ट करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका दौरे के बाद से वह रेड बॉल क्रिकेट में नौ पारियां खेल चुके हैं, जिनमें चार बार बिना खाता खोले आउट हुए हैं। इन नौ पारियों में उनके बल्ले से कुल 160 रन निकले हैं।
इस दौरान वह अगस्त के बाद से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं। मुंबई की ओर से रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले में भी वह चंडीगढ़ के खिलाफ खाता नहीं खोल सके थे। इससे पहले श्रीलंका दौरे पर भी उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था।
यशस्वी जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज के लिए लगातार इतनी कम पारियां खेलना और बड़े स्कोर नहीं बना पाना निश्चित रूप से चिंता का विषय है।
अगस्त के बाद से नहीं लगा पाए अर्धशतक
यशस्वी जायसवाल की परेशानी सिर्फ न्यूजीलैंड दौरे तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ महीनों से रेड बॉल क्रिकेट में उनका बल्ला अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है। अगस्त के बाद से वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं।
न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले चार दिवसीय मैच में 17 और 5 रन बनाने के बाद रणजी ट्रॉफी में भी वह बिना खाता खोले आउट हुए थे। अब दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में फिर शून्य पर आउट होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
खास बात यह है कि जायसवाल को तेज गेंदबाजों के सामने अपनी तकनीक और डिफेंस पर भी काम करने की जरूरत दिखाई दे रही है। क्राइस्टचर्च में फ्रेजर शीट की अंदर आती गेंद पर वह समय रहते बल्ला नीचे नहीं ला सके और गेंद उनके पैड पर जा लगी।
क्या न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खतरे में है जगह?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यशस्वी जायसवाल को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में मौका मिलेगा या टीम इंडिया उनकी जगह किसी दूसरे बल्लेबाज को आजमा सकती है?
यशस्वी फिलहाल भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख ओपनिंग विकल्पों में शामिल हैं। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कई शानदार पारियां खेलकर अपनी काबिलियत साबित की है। ऐसे में केवल कुछ खराब पारियों के आधार पर उन्हें टीम से बाहर करना आसान फैसला नहीं होगा।
लेकिन लगातार फ्लॉप प्रदर्शन के कारण चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की नजरें उनके प्रदर्शन पर जरूर रहेंगी। उनके पास न्यूजीलैंड ए के खिलाफ बाकी अभ्यास मैचों में अपनी लय हासिल करने का अवसर है।
अगर वह इन मुकाबलों में रन बनाने में सफल रहते हैं तो टेस्ट सीरीज से पहले उनका आत्मविश्वास लौट सकता है। वहीं लगातार असफलता जारी रहने पर ओपनिंग संयोजन को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, फिलहाल उन्हें टीम से बाहर किए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
19 नवंबर से शुरू होगी भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज
भारत और न्यूजीलैंड के बीच आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 19 नवंबर 2026 से वेलिंगटन के बेसिन रिजर्व मैदान पर खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट क्राइस्टचर्च में आयोजित होगा।
इस सीरीज से पहले इंडिया ए और न्यूजीलैंड ए के बीच तीन अनौपचारिक टेस्ट मैचों की व्यवस्था की गई है, ताकि भारतीय खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिल सके।
यशस्वी जायसवाल के लिए ये मुकाबले काफी महत्वपूर्ण हैं। न्यूजीलैंड की तेज और स्विंग गेंदबाजी के सामने बेहतर प्रदर्शन करना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। उन्हें शुरुआत में संभलकर खेलने और खराब गेंदों पर ही आक्रामक शॉट लगाने की रणनीति अपनानी पड़ सकती है।
जायसवाल को करना होगा दमदार वापसी का इंतजार
यशस्वी जायसवाल भारतीय क्रिकेट के उन युवा बल्लेबाजों में शामिल हैं, जिनसे टेस्ट क्रिकेट में काफी उम्मीदें की जाती हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण रही है। लेकिन मौजूदा प्रदर्शन ने उनकी तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड ए के खिलाफ बाकी मुकाबलों में अपनी बल्लेबाजी की गलतियों को सुधारने की होगी। खासकर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों का सामना करते समय धैर्य और तकनीक का बेहतर तालमेल बैठाना जरूरी होगा।
फिलहाल टीम इंडिया को उम्मीद होगी कि टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले जायसवाल अपनी पुरानी लय हासिल कर लें। अब देखना दिलचस्प होगा कि लगातार तीन पारियों में असफल रहने के बाद वह किस तरह वापसी करते हैं और क्या आगामी टेस्ट सीरीज में अपने लिए ओपनिंग की जगह मजबूत बनाए रख पाते हैं।
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