गॉल। भारत और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट के तीसरे दिन मेजबान टीम ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए अपनी पहली पारी में 200 रन का आंकड़ा पार कर लिया। एक समय श्रीलंका के पांच विकेट महज 90 रन पर गिर चुके थे और टीम पर फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा था। ऐसे मुश्किल समय में सोनल दिनुशा ने एक बार फिर शानदार धैर्य दिखाया और निचले क्रम के साथ मिलकर श्रीलंका की पारी को संभाला।

भारत ने अपनी पहली पारी में 462 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम देखते ही देखते मुश्किल में फंस गई। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाया और मेजबान टीम के शीर्ष क्रम को टिकने का मौका नहीं दिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका बड़ी मुश्किल से 150 रन तक पहुंच पाएगा और उसे फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

90 रन पर गिर चुके थे पांच विकेट

श्रीलंका की पारी जब 90 रन पर पांच विकेट के संकट में पहुंची, तब भारतीय टीम पूरी तरह हावी नजर आ रही थी। भारत के स्पिन गेंदबाजों ने गॉल की पिच का भरपूर फायदा उठाया। तेज गेंदबाजों ने भी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।

ऐसे समय में सोनल दिनुशा और अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला ने मोर्चा संभाला। दोनों ने बेहद संयमित बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। दोनों की साझेदारी ने न केवल श्रीलंका को शुरुआती संकट से बाहर निकाला, बल्कि फॉलोऑन के खतरे को भी काफी हद तक कम कर दिया।

सोनल ने फिर दिखाई जुझारू बल्लेबाजी

सोनल दिनुशा इस मुकाबले में श्रीलंका के लिए सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरे। उन्होंने परिस्थितियों के मुताबिक बल्लेबाजी करते हुए खराब गेंदों को सीमा रेखा के बाहर भेजा, जबकि मुश्किल गेंदों के खिलाफ पूरा संयम दिखाया।

दिनुशा ने अपना पहला टेस्ट शतक भी पूरा किया। उन्होंने 168 गेंदों में 100 रन की पारी खेली, जिसमें चार चौके और दो छक्के शामिल रहे। यह उनके टेस्ट करियर का पहला शतक था।

उनकी इस पारी ने श्रीलंका को उस स्थिति से बाहर निकाला, जहां टीम पर फॉलोऑन का गंभीर खतरा मंडरा रहा था। दिनुशा ने दबाव के बावजूद आक्रामक और रक्षात्मक बल्लेबाजी के बीच शानदार संतुलन बनाया।

डिकवेला ने भी दिया भरपूर साथ

दूसरे छोर पर निरोशन डिकवेला ने दिनुशा का बेहतरीन साथ दिया। उन्होंने 80 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 146 रन की साझेदारी की, जिसने मैच का रुख कुछ समय के लिए बदल दिया।

भारत ने जब शुरुआती पांच विकेट जल्दी हासिल कर लिए थे, तब यह साझेदारी उसके लिए बड़ी चुनौती बन गई। भारतीय गेंदबाजों ने कई तरह की रणनीति अपनाई, लेकिन दिनुशा और डिकवेला ने धैर्य नहीं खोया।

इस साझेदारी के दौरान श्रीलंका ने 200 रन का आंकड़ा भी पार किया। इससे मेजबान टीम को फॉलोऑन से बचने की उम्मीद मजबूत हुई।

भारतीय गेंदबाजों ने फिर पलटा मैच

दिनुशा और डिकवेला की साझेदारी टूटने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने दोबारा दबाव बनाना शुरू किया। बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार और अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने श्रीलंका की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई।

सुथार ने चार विकेट लिए, जबकि जडेजा ने तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। दोनों ने मिलकर श्रीलंका के सात विकेट झटके।

इससे भारत को एक बार फिर मैच पर मजबूत पकड़ बनाने का मौका मिला। भारतीय टीम श्रीलंका को पहली पारी में जल्द से जल्द आउट कर अपनी बढ़त को निर्णायक बनाने की कोशिश में थी।

भारत को मिली 178 रन की बढ़त

आखिरकार श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर समाप्त हुई। इस तरह भारत ने पहली पारी में 178 रन की बढ़त हासिल की। हालांकि श्रीलंका फॉलोऑन से बचने में सफल रहा, लेकिन भारत के विशाल 462 रन के जवाब में 284 रन का स्कोर उसे काफी पीछे छोड़ गया।

भारत की ओर से मानव सुथार ने 4/76 और रविंद्र जडेजा ने 3/57 का प्रदर्शन किया। मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव को भी एक-एक विकेट मिला।

बारिश ने भारत की मुश्किल आसान की

तीसरे दिन का खेल बारिश और खराब मौसम से भी प्रभावित रहा। आसमान में बादल छाने और तेज हवाओं के बाद अंपायरों ने दिन का खेल समय से पहले समाप्त कर दिया। इससे भारत को अपनी पहली पारी की बढ़त का फायदा उठाते हुए श्रीलंका पर तुरंत दबाव बढ़ाने का पूरा अवसर नहीं मिल सका।

इसके बावजूद भारत की स्थिति मैच में काफी मजबूत रही। श्रीलंका की ओर से दिनुशा की शतकीय पारी और डिकवेला का संघर्ष सराहनीय रहा, लेकिन टीम भारतीय स्कोर से काफी पीछे रही।

इस मुकाबले में सोनल दिनुशा ने जिस तरह मुश्किल परिस्थिति में बल्लेबाजी की, उसने उन्हें श्रीलंका की पारी का सबसे बड़ा नायक बना दिया। 90 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद शतक तक पहुंचना उनकी मानसिक मजबूती और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने अंततः उनकी पारी का फायदा उठाने नहीं दिया और टीम को 178 रन की बढ़त हासिल करने में सफलता मिली।

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