Delhi दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अब तक अजेय रिकॉर्ड कायम रखा है। हर बड़े मुकाबले में प्रोटियाज टीम ने कीवी चुनौती को मात दी है, जिसमें कई खिलाड़ियों के यादगार प्रदर्शन शामिल रहे हैं।
इस सिलसिले की शुरुआत शुरुआती टूर्नामेंटों में हुई, जब दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड की मजबूत बल्लेबाजी को दबाव में रखा। खास तौर पर डेल स्टेन और जेपी डुमिनी ने अहम मुकाबलों में मैच जिताऊ प्रदर्शन कर टीम को बढ़त दिलाई। स्टेन की घातक रफ्तार और डुमिनी की ऑलराउंड क्षमता ने कई बार कीवी टीम की उम्मीदों पर पानी फेरा।
हाल के वर्षों में एडेन मार्करम की कप्तानी में टीम ने इस रिकॉर्ड को और मजबूत किया है। मार्करम ने संयमित नेतृत्व और आक्रामक रणनीति के साथ न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम को संतुलित प्रदर्शन की राह दिखाई। बल्लेबाजी में उनकी जिम्मेदार पारियां और गेंदबाजों का सटीक इस्तेमाल जीत की बड़ी वजह रहा है।
इसके अलावा, स्पिनर केशव महाराज और तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा जैसे खिलाड़ियों ने भी महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर मैच का रुख बदला है। न्यूजीलैंड की टीम, जो आईसीसी टूर्नामेंटों में मजबूत मानी जाती है, टी20 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका के सामने अब तक जीत दर्ज नहीं कर सकी है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े मैचों में दबाव झेलने की क्षमता और संतुलित टीम संयोजन दक्षिण अफ्रीका की सफलता का मुख्य कारण रहा है।