नई दिल्ली: शनिवार को जापान ओपन 2026 के महिला सिंगल्स फ़ाइनल में पहुँचने के बाद भारत की पीवी सिंधु ने अपनी जीत का श्रेय अपने फ़ोकस, संयम और कोच से मिली सलाह को दिया। उन्होंने सेमीफ़ाइनल में चीन की चेन युफ़ेई को हराया, जो अपनी प्रतिद्वंद्वी के चोटिल होने के कारण समय से पहले ही खत्म हो गया।
टोक्यो मेट्रोपॉलिटन जिम्नेजियम में सिंधु 21-19, 15-10 से आगे चल रही थीं, तभी पूर्व ओलंपिक चैंपियन हैमस्ट्रिंग की समस्या के कारण मैच से हट गईं। इससे भारतीय खिलाड़ी अपने पहले BWF सुपर 750 फ़ाइनल और दिसंबर 2024 के बाद अपने पहले BWF वर्ल्ड टूर टाइटल मुक़ाबले में पहुँच गईं।
मैच के बाद सिंधु ने कहा कि दुनिया की बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक के ख़िलाफ़ उनके गेम प्लान में शुरुआती रैली से ही ध्यान बनाए रखना बहुत जरूरी था।
सिंधु ने मैच के बाद Olympic.com से कहा, "मैं बहुत खुश हूँ कि मैं फ़ाइनल में पहुँच गई हूँ। मेरे लिए, पहले गेम से ही हर मैच बहुत मायने रखता था और आज का मैच तो और भी अहम था क्योंकि शुरू से ही फ़ोकस रहना ज़रूरी था। जब आप टॉप रैंक वाली खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं, तो हर पॉइंट मायने रखता है। इसलिए, पहला गेम जीतना वाकई बहुत ज़रूरी था।"
इस जीत के साथ ही चेन युफ़ेई के ख़िलाफ़ लगातार चार हार का सिलसिला खत्म हुआ और 2019 BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के सेमीफ़ाइनल के बाद चीनी शटलर पर सिंधु की यह पहली जीत थी। साथ ही, दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधु जापान ओपन के महिला सिंगल्स फ़ाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।
सिंधु ने बताया कि जब भारतीय खिलाड़ी ने अच्छी बढ़त बना ली थी और चेन ने पहले गेम के आखिर में अंतर कम कर दिया था, तब शांत रहने में उनके कोच ने अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा, "मैं बहुत फ़ोकस्ड थी और मेरे कोच लगातार कह रहे थे कि और ज़्यादा फ़ोकस करना ज़रूरी है, क्योंकि मैं पहले गेम में आगे थी और चेन युफ़ेई काफ़ी करीब आ गई थीं। कभी-कभी जब आप आगे होते हैं और पॉइंट्स गंवा देते हैं, तो अचानक निराश हो जाते हैं और सोचते हैं कि 'ये पॉइंट्स क्यों जा रहे हैं' या 'मैं तो आगे थी'... तो दिमाग में कई तरह की भावनाएँ आती हैं, लेकिन मेरे कोच कह रहे थे कि कोई बात नहीं, इससे फ़र्क नहीं पड़ता, बस अगले पॉइंट पर ध्यान दो। और इससे वाकई बहुत मदद मिली।"
पहला गेम ही इस मुक़ाबले का निर्णायक दौर साबित हुआ। शुरुआत में बढ़त बनाने के बाद, सिंधु को वर्ल्ड नंबर 4 खिलाड़ी की ज़बरदस्त वापसी का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने 21-19 से सेट जीतकर दूसरे गेम के लिए अहम बढ़त हासिल कर ली।
भारतीय खिलाड़ी ने एक लंबी रैली का भी ज़िक्र किया जिसने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया। साथ ही, उन्होंने बताया कि दूसरे गेम में उन्होंने किस तरह खेला, जब तक कि चोट के कारण चेन को मैच छोड़ना नहीं पड़ा।
स्टार शटलर ने कहा, "दूसरे सेट में भी लंबी रैलियां हुईं, खासकर पहले गेम में - वह लंबी रैली जिसे मैंने जीता, वह पॉइंट हासिल करना मेरे लिए बहुत अहम था। दूसरे गेम में भी, पहले पॉइंट से ही फोकस बनाए रखना ज़रूरी था क्योंकि मुकाबला बराबरी का चल रहा था। भले ही मैं 2 पॉइंट से आगे थी, लेकिन वह वापसी कर रही थी। और 11 पॉइंट के बाद, मैंने 3-4 पॉइंट की बढ़त बनाए रखी। लेकिन दुर्भाग्य से, उन्हें मैच छोड़ना पड़ा।"
फिलहाल वर्ल्ड नंबर 12 रैंकिंग वाली सिंधु रविवार को होने वाले फ़ाइनल में जापान की अकाने यामागुची से भिड़ेंगी, जो वर्ल्ड नंबर 3 और तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन हैं। यह सिंधु का पहला BWF सुपर 750 फ़ाइनल होगा और दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीतने के बाद उनके लिए सबसे बड़ा खिताब जीतने का मौका होगा।