Sports स्पोर्ट्स: विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई ने गोवा पर 87 रनों से बड़ी जीत दर्ज की। इस मुकाबले में मुंबई की जीत के हीरो सरफराज खान रहे, जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। सरफराज ने सिर्फ 75 गेंदों पर 157 रन की धुआंधार पारी खेली और गोवा के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। उनकी इस पारी में 9 चौके और 14 लंबे छक्के शामिल रहे।
मैच में टॉस के बाद मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 444 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। सरफराज खान के अलावा उनके भाई मुशीर खान ने भी अहम योगदान दिया। मुशीर ने 66 गेंदों पर 60 रन की पारी खेली और टीम को मजबूत आधार देने में मदद की। दोनों भाइयों के बीच हुई साझेदारी ने मुंबई की पारी को तेजी से आगे बढ़ाया।
मुंबई की ओर से मध्यक्रम में भी उपयोगी योगदान देखने को मिला। हार्दिक तोमर ने 53 रन की अर्धशतकीय पारी खेली और रन गति को बनाए रखा। वहीं कप्तान शार्दुल ठाकुर ने अंत के ओवरों में आक्रामक अंदाज दिखाया। उन्होंने केवल 8 गेंदों पर 27 रन कूटे, जिससे मुंबई का स्कोर 400 के पार पहुंच गया। आखिरी ओवरों में मुंबई के बल्लेबाजों ने लगातार बड़े शॉट लगाकर गोवा के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
गोवा की गेंदबाजी इस मुकाबले में खास असर नहीं छोड़ सकी। सरफराज खान की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने गोवा के अधिकतर गेंदबाज महंगे साबित हुए। फील्डिंग में भी गोवा से कुछ चूक हुई, जिसका फायदा मुंबई के बल्लेबाजों ने भरपूर उठाया।
444 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गोवा की टीम ने भी अच्छी शुरुआत की और अंत तक संघर्ष किया। गोवा की ओर से अभिनव तेजराना ने शानदार शतक जड़ा। उन्होंने संयम और आक्रामकता का सही संतुलन बनाते हुए मुंबई के गेंदबाजों का सामना किया। कप्तान दीपराज गांवकर ने भी 70 रन की अहम पारी खेली और टीम को लक्ष्य की ओर बनाए रखा।
हालांकि, इतने बड़े लक्ष्य के दबाव में गोवा की टीम लगातार विकेट खोती रही। मुंबई के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में विकेट निकालकर मैच पर पकड़ मजबूत कर ली। अभिनव तेजराना और दीपराज गांवकर के आउट होने के बाद गोवा की रन गति धीमी पड़ गई। निचले क्रम के बल्लेबाज ज्यादा देर टिक नहीं सके और टीम 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 357 रन ही बना सकी।
मुंबई की गेंदबाजी में सामूहिक प्रदर्शन देखने को मिला। गेंदबाजों ने सही समय पर विकेट लेकर गोवा को लक्ष्य से दूर रखा। फील्डिंग में भी मुंबई की टीम ने बेहतर तालमेल दिखाया और कैच व रनआउट के मौके नहीं गंवाए।
इस जीत के साथ मुंबई ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। सरफराज खान की तूफानी पारी को टूर्नामेंट की यादगार पारियों में गिना जा रहा है। उनकी इस पारी ने यह साबित किया कि वह घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन फॉर्म में हैं। कुल मिलाकर यह मुकाबला बल्लेबाजों के नाम रहा, लेकिन अंत में मुंबई ने हर विभाग में बेहतर खेल दिखाते हुए गोवा पर 87 रनों की करारी जीत दर्ज की।