नई दिल्ली। हौसले और दृढ़ संकल्प के दम पर हर मुश्किल को पार करने वाले भारतीय पैरा एथलीट सचिन चमारिया अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। खेल मंत्रालय ने 2026 आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स के लिए भारतीय दल में दो बोच्चिया खिलाड़ियों को शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद सचिन चमारिया को जापान में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत की ओर से खेलने का अवसर मिला है।एशियन पैरा गेम्स का आयोजन 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची-नागोया में किया जाएगा। सचिन बोच्चिया की BC3 व्यक्तिगत और युगल स्पर्धाओं में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं। खेल मंत्रालय की मंजूरी के बाद भारतीय दल में खिलाड़ियों की कुल संख्या 168 हो गई है।
2008 में हादसे ने बदल दी जिंदगी
सचिन चमारिया की जिंदगी संघर्ष और प्रेरणा की कहानी है। वर्ष 2008 में रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगने के कारण उनके चारों अंग लकवाग्रस्त हो गए थे। इस घटना ने उनके जीवन की दिशा पूरी तरह बदल दी।शारीरिक चुनौतियों के बावजूद सचिन ने आगे बढ़ने का हौसला नहीं छोड़ा। उन्होंने अपनी परिस्थितियों के अनुरूप नए अवसर तलाशने शुरू किए और एक बार फिर प्रतिस्पर्धी खेलों की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का लक्ष्य तय किया।
2021 में बोच्चिया ने दिया नया लक्ष्य
सचिन चमारिया को वर्ष 2021 में बोच्चिया खेल के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने इस खेल में अपनी प्रतिभा को निखारना शुरू किया। बोच्चिया ने उन्हें प्रतिस्पर्धी खेलों में वापसी करने का अवसर दिया।बोच्चिया एक सटीकता आधारित खेल है, जिसमें खिलाड़ी अपनी गेंदों को निर्धारित लक्ष्य गेंद के जितना संभव हो उतना करीब पहुंचाने का प्रयास करते हैं। इसमें हाथों या पैरों से गेंद फेंकने के अलावा विशेष रैंप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह खेल गंभीर शारीरिक चुनौतियों का सामना करने वाले खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का अवसर प्रदान करता है।
लगातार छह बार जीता नेशनल गोल्ड मेडल
बोच्चिया में कदम रखने के बाद सचिन चमारिया ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर लगातार छह स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।उनकी यह उपलब्धि नियमित अभ्यास, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल करने के बाद अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।
भारत की जर्सी पहनना बड़ी जिम्मेदारी: सचिन
एशियन पैरा गेम्स के लिए भारतीय दल में शामिल होने पर सचिन चमारिया ने खेल मंत्रालय और सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा, "मैं खेल मंत्रालय और उन सभी लोगों का आभारी हूं, जिनकी मदद से मुझे पैरा एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है। भारत की जर्सी पहनना एक ऐसी जिम्मेदारी है, जिसे मैं बहुत महत्व देता हूं और दोनों स्पर्धाओं में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा।"सचिन ने उम्मीद जताई कि इस अवसर से भारत में बोच्चिया खेल को अधिक पहचान मिलेगी और अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को भी खेलों से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बनना चाहते हैं प्रेरणा
सचिन चमारिया केवल अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट ही नहीं, बल्कि उद्यमी और दिव्यांग समावेशन के समर्थक भी हैं। वह लगातार इस बात को लेकर जागरूकता फैलाते रहे हैं कि खेल दिव्यांग व्यक्तियों के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं।उनका मानना है कि उचित अवसर और सहयोग मिलने पर दिव्यांग खिलाड़ी भी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं।अब 18 अक्टूबर से शुरू होने वाले एशियन पैरा गेम्स में सचिन की नजर बेहतर प्रदर्शन करने पर होगी। उनकी यह यात्रा उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो शारीरिक चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।
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