नई दिल्ली: भारतीय बैडमिंटन की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी विश्व चैंपियनशिप में उतरने से पहले अपने खेल को लेकर पूरी तरह आत्मविश्वास से भरी हुई है। दोनों खिलाड़ियों ने साफ कहा है कि वे अपनी आक्रामक शैली में कोई बदलाव नहीं करेंगे और उसी अंदाज के साथ कोर्ट पर उतरेंगे।
सात्विक और चिराग दुनिया की सबसे खतरनाक पुरुष युगल जोड़ियों में शामिल हैं। उनकी पहचान तेज स्मैश, आक्रामक रणनीति और दबाव की स्थिति में बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता के लिए है। दोनों खिलाड़ियों का मानना है कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण उनका स्वाभाविक खेल है, इसलिए बड़े टूर्नामेंट से पहले वे अपनी शैली बदलने के बजाय उसे और मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं।
विश्व चैंपियनशिप से पहले भारतीय जोड़ी ने कहा कि हर मुकाबला नई चुनौती लेकर आता है, लेकिन उनकी कोशिश अपने मजबूत पक्षों पर भरोसा रखने की होगी। सात्विक और चिराग का मानना है कि बड़े मंच पर दबाव को संभालना और अपनी रणनीति पर कायम रहना बेहद जरूरी होता है।
दोनों खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बैडमिंटन को नई पहचान दिलाई है। वे एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और विश्व स्तर की कई बड़ी प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। विश्व चैंपियनशिप में भी उनसे पदक की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।
सात्विक और चिराग ने कहा कि वे विरोधी खिलाड़ियों के हिसाब से रणनीति जरूर बनाएंगे, लेकिन अपने आक्रामक खेल से समझौता नहीं करेंगे। उनका लक्ष्य हर मैच में अपनी ऊर्जा, आत्मविश्वास और तालमेल को बनाए रखना है।
भारतीय जोड़ी की सबसे बड़ी ताकत कोर्ट पर उनकी आपसी समझ है। सात्विक की ताकतवर स्मैश और चिराग की नेट पर तेजी उन्हें बाकी जोड़ियों से अलग बनाती है। दोनों खिलाड़ी लंबे समय से साथ खेल रहे हैं और इसी तालमेल को अपनी सफलता का आधार मानते हैं।
बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में सात्विक-चिराग से भारतीय प्रशंसकों को बड़ी उम्मीदें हैं। दोनों खिलाड़ी भी जानते हैं कि इस स्तर पर छोटी सी गलती भारी पड़ सकती है, इसलिए वे मानसिक मजबूती और फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
उनका कहना है कि लक्ष्य सिर्फ पदक जीतना नहीं बल्कि हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना है। अपने पुराने अंदाज और आक्रामक खेल के साथ सात्विक-चिराग एक बार फिर भारतीय उम्मीदों को मजबूत करने के लिए तैयार हैं।
Tags: