राहुल द्रविड़ ने युवाओं से की खेलों में भाग लेने की अपील

Update: 2026-07-25 07:05 GMT

बेंगलुरु : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने युवाओं से खेलों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इंटर-स्कूल और इंटर-कॉलेज टूर्नामेंट न केवल छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं, बल्कि उन्हें नए दोस्त बनाने और जिंदगीभर याद रहने वाले अनुभव हासिल करने का अवसर भी देते हैं।

राहुल द्रविड़ ने शुक्रवार को सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SJCC) में आयोजित ‘कोलगेट टोटल इंटर-कॉलेजिएट प्लेटिनम रोलिंग ट्रॉफी 5-ए-साइड हॉकी टूर्नामेंट’ का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर जोर दिया और कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।

खेलों से मिलती है जीवन की महत्वपूर्ण सीख

कार्यक्रम में द्रविड़ ने कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं को कई ऐसी सीख मिलती हैं, जो जीवनभर उनके काम आती हैं। उन्होंने कहा कि मैदान पर खिलाड़ी अनुशासन, टीम भावना, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और दबाव में बेहतर निर्णय लेने जैसी महत्वपूर्ण बातें सीखते हैं।

उन्होंने कहा, “खेल से आप बहुत कुछ सीखते हैं जो जिंदगी भर आपके काम आता है।” द्रविड़ ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी भाग लेना चाहिए, क्योंकि इससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है।

प्रतियोगिताएं देती हैं आगे बढ़ने का मौका

राहुल द्रविड़ ने इंटर-स्कूल और इंटर-कॉलेज प्रतियोगिताओं की अहमियत बताते हुए कहा कि ये आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और अनुभव हासिल करने का अवसर देते हैं।

उन्होंने कहा कि कम उम्र में प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से छात्रों में मुकाबले की भावना विकसित होती है। इसके अलावा ऐसे आयोजनों के जरिए उन्हें अलग-अलग लोगों से मिलने, नए रिश्ते बनाने और कई यादगार अनुभव हासिल करने का मौका मिलता है।

द्रविड़ ने कहा कि खेलों में भाग लेने वाला हर व्यक्ति पेशेवर खिलाड़ी नहीं बन सकता, लेकिन खेल से मिलने वाली सीख हर व्यक्ति के जीवन में उपयोगी साबित होती है।

हर खिलाड़ी को देश के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता

कार्यक्रम के दौरान द्रविड़ ने अपने खेल करियर का जिक्र करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि कुछ ही खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच पाते हैं, लेकिन खेलों का लाभ हर खिलाड़ी को मिलता है।

उन्होंने कहा, “हर कोई पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी संदीप सोमेश, अनिल एल्ड्रिन या मेरी तरह भाग्यशाली नहीं होता कि देश के लिए खेल सके। लेकिन खेल आपको बहुत कुछ दे सकता है।”

द्रविड़ का कहना था कि खेलों से मिलने वाले अनुभव किसी भी व्यक्ति को बेहतर इंसान बनने में मदद करते हैं। चाहे कोई खिलाड़ी आगे चलकर पेशेवर खेलों में जाए या किसी अन्य क्षेत्र में करियर बनाए, खेलों से सीखी गई बातें हमेशा उसके साथ रहती हैं।

युवाओं को टीम भावना और अनुशासन का संदेश

राहुल द्रविड़ अपने पूरे करियर के दौरान अनुशासन और टीम भावना के लिए जाने जाते रहे हैं। उन्होंने छात्रों से भी इन्हीं मूल्यों को अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि खेल में सफलता हासिल करने के लिए केवल प्रतिभा ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि मेहनत, निरंतर अभ्यास और टीम के साथ मिलकर काम करने की क्षमता भी जरूरी होती है।

द्रविड़ ने छात्रों को सलाह दी कि वे जीत और हार दोनों को सकारात्मक रूप से स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि हार भी खिलाड़ी को सीखने और बेहतर प्रदर्शन करने का मौका देती है।

हॉकी टूर्नामेंट में छात्रों का उत्साह

सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ कॉमर्स में आयोजित इस 5-ए-साइड हॉकी टूर्नामेंट में बड़ी संख्या में कॉलेज छात्रों ने हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और कॉलेज स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है।

राहुल द्रविड़ की मौजूदगी ने छात्रों का उत्साह बढ़ाया। छात्रों ने उनके अनुभवों और विचारों को ध्यान से सुना और खेलों को लेकर अपनी रुचि भी दिखाई।

खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत

द्रविड़ ने कहा कि स्कूल और कॉलेज स्तर पर खेल गतिविधियों को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे टूर्नामेंट युवाओं को अपनी क्षमता पहचानने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिक से अधिक युवा खेलों में भाग लेंगे और खेल को केवल करियर के रूप में नहीं, बल्कि जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानेंगे।

राहुल द्रविड़ का संदेश साफ था कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे व्यक्ति के सोचने, काम करने और जीवन में आगे बढ़ने के तरीके को प्रभावित करते हैं। उनके अनुसार, खेलों से मिली सीख और अनुभव जीवनभर की पूंजी होते हैं।

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