शेन्ज़ेन: भारत की टॉप-रैंक वाली पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने शनिवार को शेन्ज़ेन एरिना में मलेशिया के नूर मोहम्मद अज़रीन और टैन वी किओंग को 21-16, 18-21, 21-11 से हराकर चाइना मास्टर्स के फ़ाइनल में जगह बनाई।
इस जीत के साथ, 'स्मैश ब्रदर्स' के नाम से मशहूर इस जोड़ी ने 2023 के बाद से चार सालों में इस इवेंट के फ़ाइनल में तीसरी बार जगह बनाई है।
हालांकि सात्विक-चिराग ने अपने सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले की शुरुआत 0-5 से पिछड़कर की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने लगातार सात पॉइंट (7-5) बनाकर अपनी लय हासिल की और वहां से बढ़त बनाए रखते हुए पहला गेम 21-16 से जीत लिया। इसके बाद मलेशियाई जोड़ी ने दूसरा गेम 18-21 से जीतकर मुक़ाबले को निर्णायक गेम (decider) तक पहुंचा दिया।
इसके बाद 2022 एशियाई खेलों के चैंपियन ने निर्णायक गेम में दबदबा बनाए रखा और मलेशियाई खिलाड़ियों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। हालांकि वे दो मैच पॉइंट बचाने में कामयाब रहे, लेकिन उनकी कोशिशें काफ़ी नहीं थीं और सात्विक-चिराग ने एक घंटे छह मिनट में 21-11 से जीत दर्ज कर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
फ़ाइनल में उनका मुक़ाबला मलेशिया के टी काई वुन/याप रॉय किंग और चीन के हे जी टिंग/रेन जियांग यू के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा।
इससे पहले शुक्रवार को, सात्विक-चिराग (SatChi) ने शानदार खेल दिखाते हुए डेनमार्क के किम एस्ट्रुप और एंडर्स स्कारुप रासमुसेन को 21-13, 16-21, 21-18 से हराया और सेमीफ़ाइनल में प्रवेश किया।
भारतीय जोड़ी ने मज़बूत शुरुआत की, लेकिन डेनिश जोड़ी के मुक़ाबला बराबरी पर लाने के बाद मैच निर्णायक गेम तक खिंच गया।
सात्विक और चिराग ने निर्णायक गेम में संयम बनाए रखा और कड़ी टक्कर के बाद जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही भारतीय जोड़ी का चाइना मास्टर्स में शानदार प्रदर्शन जारी रहा; वे 2019 से हर बार सेमीफ़ाइनल में पहुँचे हैं और 2023 व 2025 में रनर-अप रहे हैं। यह चाइना मास्टर्स में एस्ट्रुप और रासमुसेन के ख़िलाफ़ उनकी दूसरी जीत थी; इससे पहले उन्होंने 2024 में क्वार्टर फ़ाइनल में डेनिश जोड़ी को हराया था।
इससे पहले, चाइना मास्टर्स में किदांबी श्रीकांत का सफ़र क्वार्टर फ़ाइनल में ली चेउक यियू से हारने के बाद खत्म हो गया।
शेनझेन एरिना में श्रीकांत को ली के हाथों 16-21, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा। तीन साल में यह पहला मौका था जब श्रीकांत BWF वर्ल्ड टूर सुपर 750 या उससे बड़े इवेंट के क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचे थे।
इस हार के साथ ही हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में ली की बढ़त और बढ़ गई, क्योंकि श्रीकांत अब ली से लगातार अपने पिछले चार मैच हार चुके हैं। 2018 इंडिया ओपन के पहले राउंड में ही उन्होंने अपने करियर में एकमात्र बार हांगकांग के खिलाड़ी को हराया था।
प्री-क्वार्टर फ़ाइनल में, श्रीकांत ने कनाडा के वर्ल्ड नंबर 9 और हालिया वर्ल्ड चैंपियनशिप ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट विक्टर लाई को 21-18, 21-19 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। शुरुआती राउंड में उन्होंने चीनी ताइपे के वर्ल्ड नंबर 21 ची यू-जेन को सिर्फ़ 35 मिनट में 21-16, 21-15 से हराया था।
गुरुवार को BWF सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत का महिला सिंगल्स अभियान तब खत्म हो गया जब तन्वी शर्मा जापान की टोमोका मियाज़ाकी से 21-17, 18-21, 21-16 से हार गईं।
वहीं, भारत की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ध्रुव कपिला और ओलंपियन तनीषा क्रास्टो अपना दूसरे राउंड का मैच चीनी ताइपे के लियू कुआंग-हेंग और सू यिन-हुई से 21-18, 21-18 से हार गईं।
Tags: