नई दिल्ली। रणजी ट्रॉफी 2026-27 में दिल्ली के युवा बल्लेबाज प्रियांश आर्य ने गुजरात के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दिल्ली के पालम स्थित एयरफोर्स बी मैदान में खेले गए एलीट ग्रुप सी मुकाबले में प्रियांश ने 199 रनों की बेहतरीन पारी खेली। वह अपने पहले प्रथम श्रेणी दोहरे शतक से महज एक रन दूर रह गए। दूसरी ओर, दिल्ली के कप्तान आयुष बडोनी ने 217 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों की बल्लेबाजी की बदौलत दिल्ली ने पहली पारी में 648 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। बुधवार, 21 अक्टूबर को मुकाबला ड्रॉ समाप्त हुआ, लेकिन पहली पारी की बढ़त के आधार पर दिल्ली ने महत्वपूर्ण अंक हासिल किए
199 रन बनाकर दोहरे शतक से चूके प्रियांश आर्य
दिल्ली के युवा सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य ने गुजरात के खिलाफ आक्रामक और जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी का शानदार उदाहरण पेश किया।बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 220 गेंदों का सामना करते हुए 199 रन बनाए। उनकी पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल रहे। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाकर गुजरात के गेंदबाजों को परेशान किया।प्रियांश ने केवल 125 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। शतक के बाद भी उन्होंने रन बनाने की गति बनाए रखी और तेजी से दोहरे शतक की ओर बढ़े।हालांकि, जब वह 199 रन पर पहुंचे, तब गुजरात के गेंदबाज मनन हिंगराजिया ने उन्हें आउट कर दिया। इस तरह वह यादगार दोहरा शतक लगाने से केवल एक रन से चूक गए।
कप्तान आयुष बडोनी ने ठोका दोहरा शतक
प्रियांश आर्य के अलावा दिल्ली के कप्तान आयुष बडोनी ने भी शानदार बल्लेबाजी की।बडोनी ने 246 गेंदों पर 217 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में धैर्य और आक्रामकता का शानदार मिश्रण देखने को मिला।दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 234 रनों की बड़ी साझेदारी की। इस साझेदारी ने दिल्ली को विशाल स्कोर की ओर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।बडोनी ने अपनी कप्तानी पारी से टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और गुजरात के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा।
दिल्ली ने खड़ा किया 648 रनों का विशाल स्कोर
प्रियांश आर्य और आयुष बडोनी की शानदार पारियों के अलावा सुमित माथुर ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।माथुर ने 92 रनों की उपयोगी पारी खेली, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज अनुज रावत ने 61 रन बनाए।इन बल्लेबाजों के प्रदर्शन की बदौलत दिल्ली ने छह विकेट पर 648 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित कर दी।इतने बड़े स्कोर ने गुजरात पर दबाव बना दिया। दिल्ली के गेंदबाजों के पास विपक्षी टीम को जल्दी आउट करके मुकाबले में जीत की संभावना तलाशने का अवसर था।
गुजरात के बल्लेबाजों ने किया संघर्ष
दिल्ली के विशाल स्कोर के जवाब में गुजरात की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने शुरुआती विकेट गंवा दिए, जिससे उस पर दबाव बढ़ गया।हालांकि, गुजरात के बल्लेबाज मनन हिंगराजिया ने शानदार धैर्य दिखाते हुए टीम की पारी संभाली।तीसरे दिन गुजरात का स्कोर 153 रन पर चार विकेट था, लेकिन हिंगराजिया ने लंबी पारी खेलकर टीम की स्थिति बेहतर की।उन्होंने 274 गेंदों पर नाबाद 108 रन बनाए और जयमीत पटेल के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की।तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक गुजरात ने पांच विकेट पर 363 रन बना लिए थे। इस बल्लेबाजी प्रदर्शन ने दिल्ली की सीधी जीत की संभावनाओं को कमजोर कर दिया।
टी20 के बाद लाल गेंद से भी दिखाया दम
प्रियांश आर्य को आक्रामक टी20 बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। इंडियन प्रीमियर लीग में भी वह अपनी तेज बल्लेबाजी के कारण चर्चा में रहे हैं।हालांकि, गुजरात के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मुकाबले में उन्होंने यह साबित किया कि वह केवल सीमित ओवरों के क्रिकेट तक सीमित नहीं हैं।प्रियांश ने अपनी 199 रनों की पारी में तकनीक, धैर्य और सही समय पर आक्रामक शॉट खेलने की क्षमता का प्रदर्शन किया।उन्होंने कहा कि वह खुद को क्रिकेट के तीनों प्रारूपों का खिलाड़ी मानते हैं। लाल गेंद से लंबी पारी खेलने की उनकी क्षमता ने घरेलू क्रिकेट में उनकी दावेदारी को और मजबूत किया है।
ड्रॉ मुकाबले में दिल्ली को मिली बढ़त
दिल्ली और गुजरात के बीच चार दिवसीय मुकाबला बुधवार को ड्रॉ समाप्त हुआ। हालांकि, पहली पारी में बढ़त हासिल करने के कारण दिल्ली को महत्वपूर्ण अंक मिले।इस मुकाबले में प्रियांश आर्य की 199 रनों की पारी और कप्तान आयुष बडोनी का दोहरा शतक सबसे बड़े आकर्षण रहे।दिल्ली को अपने पिछले मुकाबले में बंगाल के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में गुजरात के खिलाफ बल्लेबाजों का मजबूत प्रदर्शन टीम के लिए सकारात्मक संकेत है।अब दिल्ली की कोशिश आगामी मुकाबलों में बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए रणजी ट्रॉफी की अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी।
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