स्पेनिश पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल में भारत का जलवा, प्रमोद भगत ने जीते दो स्वर्ण पदक
प्रमोद भगत ने जीते दो स्वर्ण पदक
Hyderabad: भारत ने स्पेन के विटोरिया में आयोजित स्पेनिश पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 – लेवल 2 में शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत और सुकांत कदम के बेहतरीन प्रदर्शन की अहम भूमिका रही।
भगत ने दो गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल जीता, जबकि कदम ने भारत की झोली में एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल डाला, जिससे वैश्विक पैरा बैडमिंटन मंच पर देश का दबदबा साबित हुआ।
भगत ने पुरुषों के सिंगल्स SL3 फाइनल में रोमांचक प्रदर्शन किया और अपने ही देश के खिलाड़ी नितेश कुमार को 51 मिनट तक चले तीन सेटों के कड़े मुकाबले में हराया। भगत ने पहला सेट 21-17 से जीता, जिसके बाद नितेश ने जोरदार वापसी करते हुए दूसरा सेट 21-10 से अपने नाम किया। निर्णायक और तनावपूर्ण तीसरे सेट में, भगत ने अपने अनुभव और संयम का परिचय देते हुए मैच 21-18 से जीत लिया।
अंतिम स्कोर: 21-17, 10-21, 21-18
उन्होंने मनीषा रामदास के साथ जोड़ी बनाकर मिक्स्ड डबल्स SL3-SU5 में भी अपना स्वर्णिम सफर जारी रखा। भारतीय जोड़ी ने पहला सेट 13-21 से हारने के बाद शानदार वापसी की और ब्राजील के रोजेरियो जूनियर ज़ेवियर डी ओलिवेरा और एडवर्डा डी ओलिवेरा डायस को हराया। उन्होंने दूसरे सेट में 21-12 से वापसी की और तीसरे सेट में कड़े मुकाबले के बाद 21-19 से जीत हासिल कर गोल्ड मेडल जीता।
अंतिम स्कोर: 13-21, 21-12, 21-19
भगत ने सुकांत कदम के साथ मिलकर पुरुषों के डबल्स SL3-SU5 में भी सिल्वर मेडल जीता और अपने ही देश के खिलाड़ियों नितेश कुमार और रुथिक रघुपति के हाथों हारकर उपविजेता रहे।
अंतिम स्कोर: 19-21, 14-21
अपने प्रदर्शन के बाद प्रमोद भगत ने कहा:
“यह टूर्नामेंट धैर्य और जुझारूपन की सच्ची परीक्षा थी। सिंगल्स का फाइनल बहुत ही कड़ा था, और दूसरा सेट हारने के बाद मुझे अपनी पूरी ताकत झोंकनी पड़ी। मैं इस बात से खुश हूँ कि अहम पलों में मैंने अपना संयम बनाए रखा। यहाँ दो गोल्ड मेडल जीतने से मुझे भविष्य के लिए बहुत आत्मविश्वास मिला है।” इस बीच, सुकांत कदम ने पुरुषों के सिंगल्स SL4 फ़ाइनल में ज़बरदस्त प्रदर्शन करते हुए कोरिया के चो नादान को सीधे सेटों में हरा दिया। कदम ने शुरू से ही मैच पर अपना दबदबा बनाए रखा और 21-16, 21-17 से जीत हासिल कर शानदार अंदाज़ में गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
कदम ने कहा:
“पूरे मैच के दौरान मुझे लगा कि मैच मेरे कंट्रोल में है और मैं अपनी गेम-प्लान को अच्छे से लागू कर पाया। यह गोल्ड मेडल मेरी कड़ी मेहनत का नतीजा है, और मैं आने वाले टूर्नामेंट्स में भी इसी लय को बनाए रखने के लिए प्रेरित हूँ।”
भारत का शानदार प्रदर्शन कई कैटेगरीज़ में देखने को मिला। पुरुषों के सिंगल्स SL3 में नितेश कुमार ने सिल्वर और जगदीश दिल्ली ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। महिलाओं के सिंगल्स SL3 में नीरज ने ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया। पुरुषों के डबल्स SL3-SU5 में, दीप रंजन बिसोई और कुलदीप महकुल ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।
मिक्स्ड डबल्स SL3-SU5 में, शिवम यादव और नीरज की जोड़ी, और नितेश कुमार व थुलसीमती मुरुगेसन की जोड़ी—दोनों ने ही ब्रॉन्ज़ मेडल जीते।
पुरुषों के सिंगल्स SU5 में रुथिक रघुपति (सिल्वर) और शिवम यादव (ब्रॉन्ज़) ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
महिलाओं के सिंगल्स SU5 में, मनीषा रामदास ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि थुलसीमती मुरुगेसन ने सिल्वर मेडल हासिल किया। पुरुषों के डबल्स SU5 में जतिन आज़ाद और शिवम यादव ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, और महिलाओं के सिंगल्स SH6 में मनीषा पटेल ने एक और ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया।