सीनियर बल्लेबाज मोहम्मद हफीज (Mohammad Hafeez) को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (Pakistan Cricket Board) नया सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट ऑफर करेगा. इसके तहत उन्हें ऊंची कैटेगरी में रखा जाएगा. इससे पहले पीसीबी ने कम समय का कॉन्ट्रेक्ट दिया था जिसे मोहम्मद हफीज ने ठुकरा दिया था. 40 साल के इस बल्लेबाज को मई 2020 में वहाब रियाज, शोएब मलिक और मोहम्मद आमिर जैसे खिलाड़ियों के सात सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट से हटा दिया गया था. इसके बाद हफीज पाकिस्तान के लिए शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने टी20 क्रिकेट में टीम के लिए कई अहम पारियां खेली थीं. इसे देखते हुए पीसीबी ने साल 2021 की शुरुआत में हफीज में को शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रेक्ट दिया था. उन्हें कैटेगरी सी में रखा गया था. इससे नाराज होकर हफीज ने कॉन्ट्रेक्ट ठुकरा दिया.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पीसीबी सूत्रों ने बताया कि हफीज को 1 जुलाई से नया सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट दिया जाएगा. उनके अलावा शोएब मलिक, वहाब रियाज और हारिस सोहैल को कॉन्ट्रेक्ट नहीं मिलेगा. एक सूत्र ने बताया, 'पीसीबी की क्रिकेट कमिटी टीम के जिम्बाब्वे से आने के बाद मुख्य कोच, सहायक को और कप्तान के साथ मीटिंग करेगी. इसके बाद चीफ सेलेक्टर मैनेजमेंट और पीसीबी सीईओ के साथ बैठेंगे और जिन खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट देंगे उनके नाम फाइनल करेंगे.'
अजहर अली का होगा डिमोशन
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का वर्तमान कॉन्ट्रेक्ट जून में खत्म होगा. सूत्र का कहना है कि कोरोना वायरस के हालात को देखते हुए बोर्ड खिलाड़ियों को वित्तीय मदद भी दे सकता है. ऐसे बायो बबल में रहने के चलते किया जा सकता है. सूत्र के अनुसार, 'हफीज को नया कॉन्ट्रेक्ट दिया जा सकता है जबकि पूर्व कप्तान अजहर अली को डिमोट करते हुए कैटेगरी ए से बी में डाला जा सकता है. वे अभी केवल एक ही फॉर्मेट में ही खेलते हैं.'
सूत्र ने बताया कि पीसीबी हसन अली, फहीम अशरफ जैसे लगातार अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी कॉन्ट्रेक्ट दे सकता है. वहीं उस्मान शिनवारी, इफ्तिखार अहमद जैसे प्लेयर्स की छुट्टी हो सकती है. विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को कैटेगरी ए में रखा जा सकता है. उन्होंने हालिया समय में कमाल की बैटिंग की है. बाएं हाथ के बल्लेबाज फवाद आलम को कैटेगरी सी से कैटेगरी बी में प्रमोट किया जा सकता है.
पीसीबी से कॉन्ट्रेक्ट में मिलती है यह सुविधा
पाकिस्तानी क्रिकेटर्स को कॉन्ट्रेक्ट के तहत मैच फीस और बोनस के अलावा हर महीने पांच लाख से 11 लाख रुपये तक मिलते हैं. जिन खिलाड़ियों के पास कॉन्ट्रेक्ट नहीं होता उन्हें केवल मैच फीस और बोनस ही मिलता है. पीसीबी केवल टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले प्लेयर्स की मैच फीस भी बढ़ा सकता है.


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