मोहम्मद सिराज ने खोला राज दो महीने मैदान से दूर रहने का बताया असर
मैं रिदम पर निर्भर बॉलर हूं सिराज ने बताई वापसी की चुनौती
स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने लंबे ब्रेक के बाद गेंदबाजी में वापसी और उससे जुड़ी चुनौतियों पर खुलकर बात की है। सिराज ने खुद को पूरी तरह 'रिदम पर निर्भर गेंदबाज' बताते हुए कहा कि करीब दो महीने तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहने का असर उनकी गेंदबाजी की लय पर पड़ा। तेज गेंदबाज के मुताबिक मैदान पर वापसी के बाद सही रिदम और गति हासिल करने में थोड़ा समय लगता है। सिराज अपनी आक्रामक तेज गेंदबाजी और लगातार बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए जाने जाते हैं। उनके लिए रन-अप, गेंद छोड़ने का सही समय और शरीर का तालमेल बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक मैच नहीं खेलने पर इन चीजों को दोबारा हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
'रिदम मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण'
सिराज ने अपनी गेंदबाजी के बारे में बात करते हुए कहा कि वह ऐसे गेंदबाज हैं जिनका प्रदर्शन काफी हद तक रिदम पर निर्भर करता है। जब रन-अप और गेंदबाजी एक्शन का तालमेल सही बैठता है तो उनकी गति और लाइन-लेंथ भी बेहतर होने लगती है। दो महीने के ब्रेक के बाद मैदान पर उतरने पर उन्हें महसूस हुआ कि मैच वाली लय तुरंत हासिल करना आसान नहीं है। नेट्स में गेंदबाजी और वास्तविक मुकाबले में बल्लेबाज के खिलाफ गेंदबाजी करने के दबाव में अंतर होता है।
पेस पर भी दिखाई दिया असर
लंबे ब्रेक के बाद तेज गेंदबाजों के लिए केवल लाइन और लेंथ ही नहीं बल्कि गति बनाए रखना भी चुनौती होती है। सिराज ने संकेत दिया कि रिदम पूरी तरह नहीं मिलने का प्रभाव पेस पर भी पड़ सकता है। तेज गेंदबाजी में शरीर के कई हिस्से एक साथ काम करते हैं। रन-अप से मिलने वाली गति, क्रीज पर संतुलन और गेंद रिलीज करते समय शरीर की स्थिति सही होने पर ही गेंदबाज अपनी पूरी रफ्तार हासिल कर पाता है।
मैच प्रैक्टिस से लौटती है लय
सिराज के लिए नियमित मैच खेलना गेंदबाजी की लय हासिल करने का महत्वपूर्ण जरिया है। लगातार ओवर डालने से गेंदबाज अपने शरीर और एक्शन पर बेहतर नियंत्रण हासिल करता है। लंबे ब्रेक के बाद गेंदबाजों को वर्कलोड भी धीरे-धीरे बढ़ाना पड़ता है। अचानक बहुत अधिक गेंदबाजी करने से चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए फिटनेस और मैच प्रैक्टिस के बीच संतुलन महत्वपूर्ण होता है।
टीम इंडिया के लिए अहम गेंदबाज
मोहम्मद सिराज भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के महत्वपूर्ण सदस्यों में शामिल रहे हैं। नई गेंद से स्विंग हासिल करने के साथ वह पुरानी गेंद से भी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं।
आगामी बड़े मुकाबलों को देखते हुए सिराज का पूरी लय और फिटनेस में होना टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। अगर वह नियमित क्रिकेट के जरिए अपना रिदम हासिल करते हैं तो उनकी गेंदबाजी की धार और गति दोनों बेहतर हो सकती हैं।
वापसी के बाद आत्मविश्वास पर फोकस
सिराज की टिप्पणी यह भी बताती है कि तेज गेंदबाज के लिए ब्रेक केवल शारीरिक आराम नहीं होता। मैदान पर वापस आने के बाद गेंदबाजी के पूरे मैकेनिज्म को फिर से मैच परिस्थितियों के अनुरूप ढालना पड़ता है। फिलहाल सिराज का फोकस लगातार गेंदबाजी कर अपनी पुरानी लय हासिल करने पर है। उनका मानना है कि एक बार रिदम पूरी तरह वापस आने के बाद पेस और गेंद पर नियंत्रण भी स्वाभाविक रूप से बेहतर होने लगता है।