स्पोर्ट्स डेस्क: बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में 17 जनवरी 2024 को भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला गया मुकाबला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की यादगार भिड़ंतों में शामिल है। दोनों टीमों ने निर्धारित 20 ओवर में बराबर रन बनाए। फिर पहला सुपर ओवर भी टाई हो गया। आखिरकार दूसरे सुपर ओवर में रवि बिश्नोई की गेंदबाजी ने भारत को जीत दिलाई। इसलिए इस मैच को भारत की हार का ‘पुराना दर्द’ कहना सही नहीं होगा। यह मुश्किल परिस्थितियों से निकलकर मिली रोमांचक जीत थी। 


1,003 दिन के आंकड़े का क्या है संदर्भ?

इस मुकाबले की तारीख 17 जनवरी 2024 थी। वहां से 16 अक्टूबर 2026 तक 1,003 दिन का अंतर बनता है। इसी पुराने मैच के संदर्भ में यह आंकड़ा चर्चा में है। लेकिन दिनों की गिनती और मैच के परिणाम को अलग समझना जरूरी है। उस दिन अफगानिस्तान ने भारत को कड़ी चुनौती जरूर दी थी, मगर अंतिम जीत भारतीय टीम की हुई थी। भारत ने इसके साथ तीन मैचों की सीरीज भी 3-0 से अपने नाम की थी। 
शुरुआत में लड़खड़ा गई थी भारतीय पारी
पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। केवल 22 रन तक चार बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऐसे में बड़े स्कोर की उम्मीद कमजोर पड़ती दिख रही थी। कप्तान रोहित शर्मा ने यहां जिम्मेदारी संभाली और रिंकू सिंह के साथ पारी को दोबारा खड़ा किया।
दोनों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 190 रन जोड़े। शुरुआती झटकों के बाद बनी इस साझेदारी ने मैच की दिशा बदल दी। रोहित और रिंकू अंत तक आउट नहीं हुए और भारत चार विकेट पर 212 रन बनाने में सफल रहा। 
रोहित का शतक और रिंकू की तेज पारी
रोहित ने 69 गेंदों में नाबाद 121 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और आठ छक्के शामिल थे। यह उनका पांचवां टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक था। दूसरी ओर, रिंकू ने 39 गेंदों में नाबाद 69 रन की पारी खेली। उन्होंने दो चौके और छह छक्के लगाए।
भारतीय पारी के आखिरी हिस्से में दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन जुटाए। रिंकू ने लगातार तीन छक्कों के साथ पारी समाप्त की। जिस टीम ने शुरुआत में चार विकेट जल्दी गंवा दिए थे, वही अंत में अफगानिस्तान के सामने 213 रन का लक्ष्य रखने में सफल रही। 
अफगानिस्तान ने भी बनाए 212 रन
बड़े लक्ष्य के सामने अफगानिस्तान ने मुकाबला छोड़ा नहीं। गुलबदीन नईब की 23 गेंदों में नाबाद 55 रन की पारी ने टीम को अंत तक दौड़ में बनाए रखा। अफगानिस्तान ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट पर 212 रन बनाए और मैच बराबरी पर पहुंच गया।
भारत का बड़ा स्कोर भी जीत सुनिश्चित नहीं कर सका। अफगान बल्लेबाजों की चुनौती के बाद अब फैसला सुपर ओवर में होना था। दर्शकों के लिए रोमांच बढ़ चुका था, लेकिन अभी मुकाबले का सबसे नाटकीय हिस्सा बाकी था। 
पहला सुपर ओवर भी रहा बराबर
पहले सुपर ओवर में अफगानिस्तान ने एक विकेट खोकर 16 रन बनाए। भारत को जीत के लिए 17 रन चाहिए थे, लेकिन भारतीय टीम भी 16 रन ही बना सकी। इस तरह निर्धारित पारियों के बाद अतिरिक्त ओवर में भी दोनों टीमों के बीच बराबरी बनी रही।
इसके बाद दूसरा सुपर ओवर कराया गया। भारत ने इस बार पहले बल्लेबाजी की। रोहित ने शुरुआती गेंदों पर तेजी दिखाई, लेकिन भारतीय पारी दो विकेट पर 11 रन पर समाप्त हो गई। अफगानिस्तान के सामने अब जीत के लिए 12 रन का लक्ष्य था। 
बिश्नोई ने तीन गेंदों में दिलाई जीत
दूसरे सुपर ओवर में गेंद रवि बिश्नोई को मिली। उन्होंने पहली गेंद पर मोहम्मद नबी को आउट किया। अगली गेंद पर एक रन बना और तीसरी गेंद पर रहमानुल्लाह गुरबाज भी कैच दे बैठे। अफगानिस्तान केवल एक रन बना सका और भारत ने दूसरा सुपर ओवर दस रन से जीत लिया।
दो सुपर ओवर तक पहुंचा यह मुकाबला टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास का पहला ऐसा मैच था। रोहित की बल्लेबाजी, रिंकू का साथ और बिश्नोई की निर्णायक गेंदबाजी ने इसे भारतीय क्रिकेट की यादगार जीत बना दिया।
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