नई दिल्ली। महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2027 की नीलामी के बाद मुंबई इंडियंस की मेंटर और गेंदबाजी कोच झूलन गोस्वामी ने टीम की रणनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ने कहा कि फ्रेंचाइजी ने नीलामी से पहले जिन खिलाड़ियों को अपनी प्राथमिकता सूची में रखा था, उनमें से लगभग 95 से 97 प्रतिशत खिलाड़ियों को हासिल करने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय टीम प्रबंधन, कोचिंग स्टाफ और विशेष रूप से स्काउटिंग टीम को दिया है।
महिला प्रीमियर लीग 2027 की खिलाड़ियों की नीलामी 28 अक्टूबर को कोच्चि में आयोजित की गई थी। इस नीलामी में मुंबई इंडियंस सबसे कम उपलब्ध बजट के साथ उतरी थी। फ्रेंचाइजी के पास खिलाड़ियों को खरीदने के लिए केवल 90 लाख रुपये थे। इसके बावजूद टीम ने अपनी रणनीति के अनुसार छह अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों को शामिल करके अपना स्क्वॉड पूरा किया।
मुंबई इंडियंस ने नीलामी में श्वेता सहरावत, दिशा कसाट, लतिका इनामदार, भारती रावल, सानिका चालके और अक्षिता भगत को अपनी टीम में शामिल किया। इन खिलाड़ियों के चयन से स्पष्ट होता है कि फ्रेंचाइजी ने बड़े नामों पर निर्भर रहने के बजाय घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाली युवा प्रतिभाओं को अवसर देने की रणनीति अपनाई।
नीलामी के बाद जियोस्टार के कार्यक्रम 'मैच सेंटर लाइव ऑक्शन स्पेशल' में बातचीत करते हुए झूलन गोस्वामी ने बताया कि टीम के लिए सीमित बजट में सही खिलाड़ियों का चयन करना चुनौतीपूर्ण था। हालांकि, पहले से तैयार योजनाओं और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के विस्तृत आकलन ने इस चुनौती को आसान बना दिया।
गोस्वामी ने कहा कि मुंबई इंडियंस की स्काउटिंग टीम पूरे साल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर नजर रखती है। अलग-अलग प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण किया जाता है। इसके आधार पर नीलामी से पहले संभावित खिलाड़ियों की सूची तैयार होती है।
उन्होंने बताया कि केवल रन बनाने या विकेट लेने के आंकड़े किसी खिलाड़ी के चयन का आधार नहीं होते। टीम प्रबंधन यह भी देखता है कि खिलाड़ी दबाव की परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन करता है, उसका स्ट्राइक रेट कितना प्रभावी है और वह अपनी टीम को मुकाबला जिताने की क्षमता रखता है या नहीं।
झूलन गोस्वामी के अनुसार, किसी खिलाड़ी में जीतने की मानसिकता होना बेहद महत्वपूर्ण है। क्रिकेट में प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन मुश्किल परिस्थितियों में आत्मविश्वास बनाए रखने और टीम के लिए योगदान देने वाले खिलाड़ी लंबे समय में अधिक उपयोगी साबित हो सकते हैं।
मुंबई इंडियंस की मेंटर ने कहा कि इस बार नीलामी में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उनके आधार मूल्य पर हासिल किया गया। उन्होंने इसे स्काउटिंग टीम की मेहनत का परिणाम बताया। उनके मुताबिक, लगातार खिलाड़ियों पर नजर रखने से नीलामी के दौरान यह निर्णय लेना आसान हो जाता है कि किस खिलाड़ी के लिए कितनी बोली लगानी चाहिए।
हालांकि, मुंबई इंडियंस अपनी एक प्रमुख पसंद किरण नवगिरे को टीम में शामिल नहीं कर सकी। फ्रेंचाइजी ने नवगिरे के लिए शुरुआती बोली लगाई और 70 लाख रुपये तक जाने के बाद पीछे हट गई। इसके बाद दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 75 लाख रुपये में खरीद लिया।
किरण नवगिरे को लेकर झूलन गोस्वामी ने कहा कि टीम उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और मैच का रुख बदलने की क्षमता से परिचित थी। मुंबई इंडियंस को पहले से अंदाजा था कि अन्य फ्रेंचाइजियां भी उन्हें खरीदने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। हालांकि, उपलब्ध बजट सीमित होने के कारण टीम अपनी निर्धारित सीमा से आगे नहीं जा सकती थी।
गोस्वामी ने स्पष्ट किया कि नीलामी में कुछ खिलाड़ियों को हासिल नहीं कर पाना सामान्य बात है। हर फ्रेंचाइजी अपनी आवश्यकताओं और बजट के अनुसार बोली लगाती है। मुंबई इंडियंस ने भी अलग-अलग परिस्थितियों के लिए वैकल्पिक योजनाएं तैयार की थीं। यही वजह रही कि किरण नवगिरे को नहीं खरीद पाने के बावजूद टीम अपने अधिकतर लक्ष्यों को पूरा करने में सफल रही।
श्वेता सहरावत को लेकर भी झूलन गोस्वामी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि घरेलू खिलाड़ियों में अधिकतर को टीम ने अपनी अपेक्षा के अनुरूप कीमत पर खरीदा, लेकिन श्वेता के लिए निर्धारित अनुमान से अधिक राशि खर्च करनी पड़ी। मुंबई इंडियंस ने श्वेता सहरावत को 20 लाख रुपये में अपनी टीम से जोड़ा।
झूलन गोस्वामी का मानना है कि महिला प्रीमियर लीग जैसी प्रतियोगिताएं भारतीय घरेलू क्रिकेट की प्रतिभाओं को बड़ा मंच प्रदान कर रही हैं। युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी क्रिकेटरों के साथ खेलने और उनसे सीखने का अवसर मिलता है। इससे उनके खेल में तकनीकी सुधार के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि नीलामी में सबसे कम बजट के साथ उतरना निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण था, लेकिन ऐसी परिस्थितियां टीम प्रबंधन की योजना और निर्णय लेने की क्षमता को परखती हैं। मुंबई इंडियंस ने पहले ही तय कर लिया था कि उसे किन विभागों में खिलाड़ियों की जरूरत है और किन विकल्पों पर ध्यान देना है।
महिला प्रीमियर लीग 2027 के लिए कुल 146 खिलाड़ियों की नीलामी सूची जारी की गई थी। इनमें 119 भारतीय और 27 विदेशी खिलाड़ी शामिल थे। पांच फ्रेंचाइजियों में कुल 27 स्थान उपलब्ध थे। ऐसे में सीमित स्थानों और अलग-अलग टीमों की आवश्यकताओं के कारण खिलाड़ियों को लेकर प्रतिस्पर्धा बनी रही।
मुंबई इंडियंस अब आगामी सीजन की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करेगी। नए खिलाड़ियों को टीम के मौजूदा संयोजन के अनुरूप ढालना कोचिंग स्टाफ की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा। विशेष रूप से घरेलू क्रिकेट से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता अपनी क्षमताओं को साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी।
महिला प्रीमियर लीग का 2027 सीजन 14 जनवरी से 7 फरवरी तक आयोजित होना निर्धारित है। हालांकि, मुकाबलों के आयोजन स्थलों की घोषणा अभी बाकी है। मुंबई इंडियंस के लिए आगामी टूर्नामेंट में यह देखना दिलचस्प होगा कि सीमित बजट में चुने गए युवा खिलाड़ी मैदान पर कैसा प्रदर्शन करते हैं।
फिलहाल झूलन गोस्वामी ने नीलामी के परिणामों पर संतोष जताया है। उनके अनुसार, मुंबई इंडियंस ने अपनी पसंद के लगभग सभी प्रमुख खिलाड़ियों को हासिल करके टीम निर्माण की योजना को सफलतापूर्वक पूरा किया है। अब फ्रेंचाइजी का ध्यान इन खिलाड़ियों को तैयार करने और आगामी सीजन में बेहतर प्रदर्शन करने पर रहेगा।
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