नई दिल्ली: दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन विकेटकीपिंग के दौरान चोटिल हो गए। इसके बाद 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने पहली बार किसी सीनियर पुरुष टीम की कप्तानी संभाली। मुकाबले में सेंट्रल जोन ने पहले सेशन में 3 विकेट पर 81 रन बनाए।
ईशान किशन की कलाई पर लगी गेंद
बेंगलुरु में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच दलीप ट्रॉफी का सेमीफाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। मैच के शुरुआती दौर में ही ईस्ट जोन को बड़ा झटका लगा। टीम के कप्तान ईशान किशन विकेटकीपिंग करते समय चोटिल हो गए। ईशान के दाहिने हाथ की कलाई पर गेंद लगी। इसके बाद टीम के फिजियो ने उनकी जांच की। कुछ देर बाद ईशान मैदान से बाहर चले गए। बाद में उनके हाथ पर स्ट्रैपिंग लगी हुई नजर आई। उनकी गैरमौजूदगी में कुमार कुशाग्र ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली।
ईशान के मैदान से बाहर जाने के बाद टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी युवा वैभव सूर्यवंशी को दी गई। 15 साल के वैभव पहली बार किसी सीनियर पुरुष टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
सेंट्रल जोन ने बनाए 81 रन
मुकाबले में ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इसके बाद सेंट्रल जोन की टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी। शुरुआती सेशन में टीम ने 3 विकेट गंवाकर 81 रन बनाए। सेंट्रल जोन के कप्तान रजत पाटीदार भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। वह 12 रन बनाकर आउट हुए। मुकेश कुमार ने उन्हें LBW के जरिए पवेलियन भेजा।
शुरुआत में विकेट गिरने के कारण सेंट्रल जोन पर दबाव रहा। वहीं ईस्ट जोन की गेंदबाजी के सामने टीम को पारी आगे बढ़ाने के लिए संभलकर खेलना पड़ा।
वैभव पहली बार संभाल रहे सीनियर टीम की कमान
वैभव सूर्यवंशी के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि उन्हें पहली बार किसी सीनियर पुरुष टीम की कप्तानी करने का मौका मिला है। दलीप ट्रॉफी में यह उनका सिर्फ दूसरा मुकाबला है। वैभव अब तक नौ फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं। उन्होंने 2024 की शुरुआत में रणजी ट्रॉफी के दौरान फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कदम रखा था। कम उम्र में इस फॉर्मेट में खेलने के कारण वह पहले ही चर्चा में आ चुके हैं।
अब ईशान किशन के चोटिल होने के बाद अचानक कप्तानी मिलने से उनके सामने एक नई जिम्मेदारी आ गई है। मुकाबले में उन्हें टीम का नेतृत्व करने के साथ अपनी बल्लेबाजी पर भी ध्यान देना होगा।
पिछले मुकाबले में गेंद से किया था अच्छा प्रदर्शन
दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने नॉर्थ-ईस्ट जोन के खिलाफ गेंदबाजी में भी योगदान दिया था। उन्होंने तीन ओवर किए और 11 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे। हालांकि बल्लेबाजी में वह उस मुकाबले की पहली पारी में केवल 8 रन बना सके थे। इसके बावजूद ईस्ट जोन ने मैच पर पूरी तरह पकड़ बनाए रखी और नॉर्थ-ईस्ट जोन को पारी और 210 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
अब सेमीफाइनल में वैभव को कप्तानी के साथ रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने का मौका भी मिला है।
IPL और टी-20 में बना चुके हैं पहचान
वैभव सूर्यवंशी ने IPL के जरिए टी-20 क्रिकेट में अपनी पहचान मजबूत की है। IPL 2026 में उन्होंने 776 रन बनाए थे। इसके बाद उन्हें भारतीय टी-20 टीम में भी शामिल किया गया। भारत के लिए अब तक छह टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके वैभव ने 193 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 32.16 और स्ट्राइक रेट 189.21 रहा। उनके खाते में दो अर्धशतक भी हैं।
जिम्बाब्वे दौरे पर भी वैभव का प्रदर्शन प्रभावी रहा था। उन्होंने टी-20 सीरीज की तीन पारियों में 151 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे।
टी-20 क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के बाद अब वैभव के लिए दलीप ट्रॉफी रेड-बॉल क्रिकेट में प्रदर्शन दिखाने का अहम मौका है। ईशान किशन के चोटिल होने के बाद मिली कप्तानी ने इस मुकाबले को उनके लिए और खास बना दिया है।
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