Sports स्पोर्ट्स: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी सीरीज में वापसी नहीं हो पाई है। BCCI द्वारा जारी किए गए स्क्वाड में शमी का नाम शामिल नहीं होने पर पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने नाराजगी व्यक्त की और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पठान ने कहा कि शमी को अपनी फिटनेस साबित करने का लगातार दबाव क्यों दिया जा रहा है और उन्हें नजरअंदाज करना समझ से परे है।
इरफान ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि शमी लंबे समय से टीम के लिए योगदान दे रहे हैं और उनकी उपस्थिति भारतीय तेज गेंदबाजी विभाग के लिए अहम है। पठान का कहना है कि चयन समिति को खिलाड़ियों की मेहनत और अनुभव को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए।
अगली वनडे सीरीज के लिए चयनित तेज गेंदबाजों में मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा शामिल हैं। शमी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से टीम से बाहर हैं और लगातार फिटनेस और प्रदर्शन की वजह से टीम में लौटने के प्रयास कर रहे हैं। उनके समर्थक और पूर्व खिलाड़ी अब चयन समिति से उम्मीद कर रहे हैं कि वे शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज को उचित मौका देंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि शमी का अनुभव युवा तेज गेंदबाजों के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकता है। उनकी अनुपस्थिति टीम के तेज गेंदबाजी विभाग में विकल्पों को सीमित कर सकती है। इरफान पठान ने भी इस बात पर जोर दिया कि अनुभवी और फिट खिलाड़ी का नजरअंदाज होना भारतीय क्रिकेट के लिए सही संदेश नहीं है।
सारांश यह है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुने गए स्क्वाड में मोहम्मद शमी की वापसी नहीं हुई। पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने इस फैसले पर नाराजगी जताई और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। चयनित तेज गेंदबाजों में सिराज, अर्शदीप, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा शामिल हैं। शमी के समर्थक और अनुभवी क्रिकेटरों का मानना है कि टीम इंडिया को अनुभवी तेज गेंदबाज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।