कॉमनवेल्थ गेम्स बॉक्सिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन

Update: 2026-07-27 09:30 GMT

ग्लासगो : कॉमनवेल्थ गेम्स की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार शुरुआत की है। रविवार को खेले गए मुकाबलों में भारत के जादुमणि सिंह और एशियाई खेलों की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट प्रीति पवार ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। दोनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग अंदाज में जीत दर्ज करते हुए भारतीय अभियान को मजबूती दी।

जादुमणि सिंह ने पुरुष वर्ग के मुकाबले में पाकिस्तान के सुमामा रहमान को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। दोनों मुक्केबाजों के बीच मुकाबला काफी रोमांचक रहा, लेकिन जादुमणि ने अपनी तकनीक, गति और आक्रामक रणनीति के दम पर प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने पूरे मुकाबले में बेहतर नियंत्रण दिखाया और शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।

मुकाबले की शुरुआत से ही जादुमणि ने आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने अपने पंचों की सटीकता और तेज फुटवर्क से पाकिस्तानी मुक्केबाज को लगातार चुनौती दी। सुमामा रहमान ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए बढ़त बनाए रखी।

जादुमणि की इस जीत को भारतीय बॉक्सिंग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कॉमनवेल्थ जैसे बड़े मंच पर पाकिस्तान के खिलाड़ी के खिलाफ जीत हासिल करना हमेशा खास माना जाता है। जादुमणि ने दबाव की स्थिति में जिस तरह संयम बनाए रखा, वह उनके आत्मविश्वास और तैयारी को दर्शाता है।

वहीं, महिला वर्ग में प्रीति पवार ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकीं प्रीति ने अपने मुकाबले में बिना ज्यादा परेशानी के जीत दर्ज की। उन्होंने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी और अपनी तकनीकी क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

प्रीति पवार को भारतीय बॉक्सिंग की उभरती हुई प्रतिभाओं में गिना जाता है। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अपनी पहचान बनाई है। कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लक्ष्य अब क्वार्टर फाइनल से आगे बढ़कर पदक की दौड़ में मजबूत दावेदारी पेश करना होगा।

भारतीय बॉक्सिंग टीम के लिए यह शुरुआत उत्साह बढ़ाने वाली रही है। बड़े टूर्नामेंटों में शुरुआती मुकाबले अक्सर खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण होते हैं, क्योंकि उन्हें प्रतियोगिता के माहौल और दबाव से तालमेल बैठाना पड़ता है। जादुमणि और प्रीति दोनों ने इस चुनौती को अच्छी तरह संभाला और अपने प्रदर्शन से उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

भारतीय मुक्केबाजी पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुई है। देश के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे आयोजनों में शानदार प्रदर्शन कर अपनी अलग पहचान बनाई है। युवा खिलाड़ियों के आने से भारतीय बॉक्सिंग में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

जादुमणि सिंह और प्रीति पवार की जीत से टीम का मनोबल भी बढ़ेगा। दोनों खिलाड़ी अब क्वार्टर फाइनल मुकाबलों की तैयारी करेंगे, जहां चुनौती और कठिन होने वाली है। क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली सभी टीमें पदक की दावेदार होंगी और मुकाबले में छोटी-सी गलती भी परिणाम बदल सकती है।

कोचिंग टीम के लिए भी यह प्रदर्शन सकारात्मक संकेत है। खिलाड़ियों ने जिस तरह अपनी रणनीति को मुकाबले के दौरान लागू किया, उससे उनकी तैयारी और मानसिक मजबूती का पता चलता है। आगे के मुकाबलों में उन्हें इसी लय को बनाए रखने की जरूरत होगी।

भारतीय प्रशंसकों की नजर अब जादुमणि सिंह और प्रीति पवार के क्वार्टर फाइनल मुकाबलों पर होगी। दोनों खिलाड़ियों के पास कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने का अच्छा मौका है और उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

भारत का बॉक्सिंग अभियान अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन पहले ही दिन मिली इन जीतों ने टीम को मजबूत शुरुआत दी है। जादुमणि सिंह और प्रीति पवार की सफलता ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय मुक्केबाज इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में बड़ी चुनौती पेश करने के लिए तैयार हैं।

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