IND vs PAK Live। एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। भारत की ओर से दिए गए 212 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही पाकिस्तान की टीम को 162 रन के स्कोर पर पांचवां झटका लगा है। भारतीय स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने अब्दुल समद को आउट कर दिया है। समद के विकेट के बाद पाकिस्तान की स्थिति एक बार फिर दबाव में आ गई है। हालांकि हसन नवाज अभी भी क्रीज पर मौजूद हैं और पाकिस्तान की आखिरी उम्मीदों को संभाले हुए हैं।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन बनाए थे। जवाब में पाकिस्तान ने शुरुआती दौर में अपने शीर्ष क्रम के तीन विकेट जल्दी गंवा दिए थे। इसके बाद सईम अयूब और हसन नवाज के बीच 87 रन की अहम साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने पाकिस्तान को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला था। अयूब के आउट होने के बाद भी पाकिस्तान ने रन गति बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन अब समद के रूप में पांचवां विकेट गिरने से भारत ने फिर दबाव बढ़ा दिया है।
162 रन पर गिरा पांचवां विकेट
पाकिस्तान की पारी के इस चरण में हर विकेट बेहद महत्वपूर्ण है। 162 रन के स्कोर पर अब्दुल समद के आउट होने के बाद पाकिस्तान की बल्लेबाजी लाइनअप पर दबाव बढ़ गया है। वॉशिंगटन सुंदर ने अहम समय पर विकेट लेकर भारत को राहत दी।
समद क्रीज पर आने के बाद पाकिस्तान की रन गति को तेज करने की कोशिश कर रहे थे। लक्ष्य बड़ा होने के कारण पाकिस्तान को अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी की जरूरत है, लेकिन विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजों के लिए खुलकर शॉट खेलना जोखिम भरा हो जाता है।
सुंदर की गेंद पर समद के आउट होने के साथ ही पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा। अब क्रीज पर मौजूद हसन नवाज की भूमिका पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।
नवाज पर टिकी पाकिस्तान की उम्मीदें
हसन नवाज ने पाकिस्तान की पारी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शुरुआती विकेट गिरने के बाद उन्होंने सईम अयूब के साथ मिलकर पारी को संभाला और अर्धशतक भी पूरा किया। दोनों के बीच हुई 87 रन की साझेदारी ने पाकिस्तान को लक्ष्य के करीब पहुंचने की उम्मीद दी थी।
अयूब के आउट होने के बाद नवाज ने पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली। अब समद के आउट होने के बाद पाकिस्तान की नजरें एक बार फिर नवाज पर हैं। उन्हें आखिरी ओवरों में न केवल रन गति बनाए रखनी होगी बल्कि नए बल्लेबाज के साथ तेजी से साझेदारी भी करनी होगी।
पाकिस्तान को 212 रन के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अब उपलब्ध गेंदों का अधिकतम फायदा उठाना होगा। ऐसे में नवाज को स्ट्राइक अपने पास रखने और बाउंड्री तलाशने की कोशिश करनी होगी।
भारत ने लगातार बनाए रखा दबाव
भारतीय टीम ने पाकिस्तान की पारी के दौरान कई अहम मौकों पर विकेट निकालकर दबाव बनाए रखा है। अक्षर पटेल ने शुरुआती चरण में दो विकेट हासिल किए थे। इसके बाद शिवम दुबे ने सईम अयूब की 87 रन की साझेदारी को तोड़ा। अब वॉशिंगटन सुंदर ने अब्दुल समद का विकेट लेकर पाकिस्तान को पांचवां झटका दिया है।
भारत के लिए विकेटों के बीच अंतर बनाए रखना महत्वपूर्ण रहा है। जब भी पाकिस्तान ने रन गति बढ़ाने की कोशिश की, भारत ने किसी न किसी तरह से सफलता हासिल की। हालांकि कुछ ओवरों में पाकिस्तान ने तेजी से रन भी बनाए हैं, जिससे मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं हुआ।
रवि बिश्नोई का एक ओवर भी महंगा रहा था, जिसमें पाकिस्तान ने 20 रन बटोरे थे। उस ओवर से पाकिस्तान को रन गति बढ़ाने में मदद मिली थी। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उसके बाद दबाव वापस बनाने की कोशिश की।
भारत ने बनाया था 211 रन
इससे पहले भारत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 211 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने 61 रन की तेज पारी खेली और भारतीय पारी को मजबूत शुरुआत दी। युवा वैभव सूर्यवंशी ने भी शुरुआती ओवरों में आक्रामक अंदाज दिखाया।
मध्यक्रम में भारतीय बल्लेबाजों ने लगातार रन बनाए। तिलक वर्मा ने अंतिम ओवरों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक पूरा किया। शिवम दुबे ने भी उपयोगी रन जोड़कर टीम को 200 के पार पहुंचाने में अहम योगदान दिया।
भारत के 211 रन के जवाब में पाकिस्तान को शुरुआत से ही तेज रन बनाने थे, लेकिन शुरुआती तीन विकेट गिरने के बाद लक्ष्य मुश्किल दिखाई देने लगा था। अयूब और नवाज की साझेदारी ने पाकिस्तान को मुकाबले में वापस लाने का काम किया, लेकिन अब पांच विकेट गिरने से स्थिति फिर बदल गई है।
आखिरी ओवरों में बढ़ेगा दबाव
पाकिस्तान की पारी अब डेथ ओवरों की तरफ बढ़ रही है। इस चरण में बल्लेबाजों के लिए हर गेंद पर जोखिम बढ़ जाता है। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान को चौके-छक्कों की जरूरत है, लेकिन विकेट गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
162 रन पर पांच विकेट गिरने के बाद पाकिस्तान को अब नए बल्लेबाज को तेजी से रन बनाने होंगे। दूसरी ओर भारत की कोशिश होगी कि नवाज को ज्यादा देर तक स्ट्राइक न मिले और रन गति को नियंत्रित किया जाए।
भारतीय गेंदबाजों के लिए यॉर्कर, धीमी गेंद और विविधता का इस्तेमाल महत्वपूर्ण हो सकता है। फील्डिंग में भी हर गेंद पर सतर्क रहना जरूरी होगा, क्योंकि अंतिम ओवरों में एक कैच या एक चौका मैच का रुख बदल सकता है।
सुंदर की सफलता भारत के लिए महत्वपूर्ण
वॉशिंगटन सुंदर का समद को आउट करना भारत के लिए महत्वपूर्ण समय पर आया है। पाकिस्तान की टीम इस समय बड़े शॉट्स के जरिए दबाव कम करने की कोशिश कर रही थी। ऐसे समय विकेट मिलने से भारत को दोहरा फायदा हुआ है। एक तो पाकिस्तान का एक और बल्लेबाज आउट हो गया और दूसरा रन गति को फिर से प्रभावित करने का मौका मिला है।
सुंदर की गेंदबाजी इस मुकाबले में इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान के बल्लेबाजों के खिलाफ स्पिन का प्रभाव अलग-अलग चरणों में देखने को मिला है। भारत ने अपने स्पिन विकल्पों का लगातार उपयोग किया है और उन्हें विकेट भी मिले हैं।
पाकिस्तान के सामने अब बड़ी चुनौती
पांच विकेट गिरने के बाद पाकिस्तान के लिए मुकाबला अब और कठिन हो गया है। टीम के पास लक्ष्य हासिल करने के लिए अभी रन बाकी हैं और विकेट भी सीमित हैं। ऐसे में नवाज को पारी के अंत तक टिकने की कोशिश करनी होगी।
अगर नवाज तेजी से रन बनाने में सफल रहते हैं और उन्हें दूसरे छोर से अच्छा समर्थन मिलता है तो पाकिस्तान अभी भी मुकाबले में वापसी की कोशिश कर सकता है। वहीं अगर भारत अगले कुछ गेंदों में एक और विकेट निकाल लेता है तो पाकिस्तान पर दबाव और बढ़ जाएगा।
फाइनल का रोमांच चरम पर
भारत और पाकिस्तान के बीच यह एशियन गेम्स 2026 पुरुष क्रिकेट फाइनल अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 211 रन बनाए थे, जबकि पाकिस्तान अब लक्ष्य का पीछा कर रहा है। शुरुआती झटकों से उबरने के बाद पाकिस्तान ने संघर्ष किया, लेकिन लगातार विकेट गिरने से उसकी राह फिर कठिन हो गई है।
162 रन पर पांचवां विकेट गिर चुका है। वॉशिंगटन सुंदर ने अब्दुल समद को आउट किया है और हसन नवाज अभी भी क्रीज पर हैं। पाकिस्तान की उम्मीदें अब नवाज और निचले क्रम के बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर टिकी हैं, जबकि भारत की नजरें बचे हुए विकेट निकालकर मुकाबले को अपने पक्ष में करने पर हैं।
मुकाबले में अब हर गेंद बेहद महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान को एक तरफ रन गति बढ़ानी है और दूसरी तरफ विकेट बचाने हैं। भारत के लिए चुनौती सिर्फ रन रोकना नहीं, बल्कि दबाव बनाए रखते हुए समय पर विकेट हासिल करना है। ऐसे में फाइनल के बचे हुए ओवर मैच का नतीजा तय करने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं।