नई दिल्ली : भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी पीआर श्रीजेश ने आगामी विश्व कप से पहले भारतीय टीम के खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने टीम को दबाव से दूर रहकर अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। श्रीजेश का मानना है कि भारतीय टीम में इतिहास बदलने की क्षमता है और खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरें तो लंबे समय से चला आ रहा सूखा खत्म किया जा सकता है।
भारत ने आखिरी बार हॉकी विश्व कप का खिताब वर्ष 1975 में जीता था। इसके बाद से टीम इंडिया इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक का इंतजार कर रही है। अब 51 साल के इस लंबे इंतजार को खत्म करने की उम्मीदें एक बार फिर भारतीय टीम से जुड़ी हैं।
श्रीजेश ने खिलाड़ियों को दिया जीत का मंत्र
श्रीजेश ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि बड़े टूर्नामेंट में मानसिक मजबूती सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि सिर्फ दबाव के बारे में सोचने के बजाय टीम को अपनी रणनीति और प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए। उनका मानना है कि हर मैच को नए मुकाबले की तरह खेलना चाहिए और पिछले रिकॉर्ड का बोझ खिलाड़ियों पर नहीं होना चाहिए।
1975 के बाद भारत को खिताब का इंतजार
भारतीय हॉकी टीम ने 1975 में कुआलालंपुर में खेले गए विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार खिताब जीता था। इसके बाद टीम कई बार टूर्नामेंट में उतरी, लेकिन विश्व चैंपियन बनने का सपना पूरा नहीं हो पाया। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय हॉकी ने शानदार वापसी की है। टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।
युवा खिलाड़ियों पर बड़ी जिम्मेदारी
आने वाले विश्व कप में भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और बड़े मुकाबलों का अनुभव रखते हैं। श्रीजेश का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को मौके का फायदा उठाना चाहिए और बिना किसी डर के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए।
अनुभव से मजबूत हुई टीम इंडिया
पीआर श्रीजेश खुद भारतीय हॉकी के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने लंबे समय तक भारतीय टीम की गोलकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली और कई ऐतिहासिक जीतों का हिस्सा रहे। उनके अनुभव और सलाह का टीम के युवा खिलाड़ियों को काफी फायदा मिल सकता है। श्रीजेश ने हमेशा मानसिक मजबूती और अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया है।
विश्व कप में इतिहास रचने का मौका
भारतीय टीम के पास इस बार इतिहास बदलने का सुनहरा मौका होगा। टीम के पास अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा प्रतिभाओं का अच्छा संयोजन है। हॉकी फैंस को उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ी दबाव को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन करेंगे और 51 साल के इंतजार को खत्म कर नया इतिहास बनाएंगे।
फैंस को है बड़ी उम्मीद
भारत में हॉकी को लेकर एक बार फिर उत्साह बढ़ा है। ओलंपिक सफलता के बाद लोगों की उम्मीदें भारतीय टीम से काफी बढ़ गई हैं। अब नजरें विश्व कप पर होंगी, जहां भारतीय टीम खिताबी सूखे को खत्म करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
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