आइची-नागोया में भारतीय पैरा खिलाड़ियों की चुनौती, लक्ष्य पदक जीतना
आइची-नागोया में पदकों पर भारत की नजर
जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक होने वाले एशियन पैरा गेम्स 2026 में, भारत पैरा-स्पोर्ट्स में अपनी शानदार प्रगति को जारी रखने की कोशिश करेगा। पैरालिंपिक चैंपियन, विश्व चैंपियन और उभरती प्रतिभाओं से सजी भारतीय टीम का लक्ष्य पिछले संस्करण के अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन को और बेहतर बनाना और महाद्वीपीय स्तर पर एक और यादगार सफर तय करना होगा।
चीन के हांगझोऊ में हुए 2023 एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रदर्शन अब तक का सबसे सफल रहा था, जहाँ उसने रिकॉर्ड 111 पदक जीते—जिनमें 29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य पदक शामिल थे। यह प्रदर्शन भारतीय पैरा-स्पोर्ट्स के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ, जो विभिन्न खेलों में देश की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। अब जापान में, एशिया के बेहतरीन पैरा-एथलीटों के खिलाफ मुकाबला करते हुए, भारतीय दल का लक्ष्य अपनी पिछली उपलब्धियों को और बेहतर करने का होगा।
आइची-नागोया में पदकों की दौड़ के लिए तैयार भारत
भारत के लिए पदक जीतने की प्रबल दावेदारों में पैरा-आर्चर शीतल देवी शामिल हैं, जिनकी उपलब्धियों ने उन्हें देश की सबसे प्रमुख खेल प्रतिभाओं में से एक बना दिया है। उनके साथ रिकर्व आर्चरी में पैरालिंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह भी होंगे। पैरा-एथलेटिक्स में, पुरुषों की F64 जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्धा में सुमित अंतिल पर सबकी नज़रें होंगी, जबकि स्प्रिंटर प्रीति पाल और दीप्ति जीवनजी भी ट्रैक पर अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करेंगी।
भारतीय दल में पैरा-बैडमिंटन और पैरा-शूटिंग के जाने-माने खिलाड़ी भी शामिल होंगे। बैडमिंटन कोर्ट पर प्रमोद भगत और सुहास यतिराज अपने बहुमूल्य अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ उतरेंगे, जबकि पैरालिंपिक चैंपियन अवनि लेखरा और मोना अग्रवाल प्रमुख भारतीय निशानेबाजों में शामिल होंगी। पैरा-टेबल टेनिस में टोक्यो पैरालिंपिक की रजत पदक विजेता भाविना पटेल भी भारत की पदक तालिका में अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं।
चूंकि प्रतियोगिता कई अलग-अलग खेलों में होनी है, इसलिए भारत की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि उसके अनुभवी चैंपियन और उभरते हुए एथलीट—दोनों ही लगातार अच्छा प्रदर्शन करें। जैसे ही आइची-नागोया गेम्स की शुरुआत होगी, भारतीय दल अपनी तैयारियों को पदक जीत में बदलने, अपने पिछले पदकों की संख्या को पार करने और एशियाई पैरा-स्पोर्ट्स में भारत की स्थिति को और मजबूत करने की कोशिश करेगा।