जर्मनी। जर्मनी के मैनेजर के तौर पर जुर्गन क्लॉप को आखिरकार अपनी पहली जीत मिल गई है। एलियांज एरिना में खेले गए UEFA नेशंस लीग के राउंड-3 मुकाबले में जर्मनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्बिया को 2-0 से हरा दिया। मेजबान टीम की ओर से टॉम बिस्चॉफ और फ्लोरियन विर्ट्ज़ ने गोल दागे। इस जीत के साथ जर्मनी ने न केवल महत्वपूर्ण अंक हासिल किए, बल्कि लीग A में अपनी जगह बनाए रखने की उम्मीदों को भी मजबूत कर लिया।
जर्मनी के लिए यह मुकाबला कई मायनों में अहम था। क्लॉप के मैनेजर बनने के बाद टीम शुरुआती तीन मुकाबलों में जीत दर्ज नहीं कर सकी थी। ऐसे में सर्बिया के खिलाफ मैदान पर उतरते समय टीम पर जीत का दबाव था। खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और सर्बिया के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। आखिरकार जर्मनी को इसका फायदा मिला और टीम ने क्लॉप के कार्यकाल की पहली जीत अपने नाम कर ली।
इस मुकाबले से पहले जर्मनी को घरेलू मैदान पर ग्रीस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। उस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद क्लॉप ने शुरुआती एकादश में कई बदलाव किए। सर्बिया के खिलाफ इन बदलावों का असर मैदान पर साफ दिखाई दिया। जर्मन टीम ने शुरुआत से गेंद पर नियंत्रण रखा और विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
मैच के शुरुआती मिनटों से ही जर्मनी गोल की तलाश में जुट गया। अलेक्जेंडर पावलोविच के पास शुरुआती बढ़त दिलाने का मौका आया, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट से थोड़ा बाहर निकल गया। इसके बाद निक वोल्टेमाडे ने भी सर्बिया के डिफेंस के लिए परेशानी पैदा की। फ्लोरियन विर्ट्ज़ ने सर्ज ग्नाबरी के लिए एक अच्छा मौका तैयार किया, लेकिन ग्नाबरी उसे गोल में नहीं बदल सके।
जर्मनी का दबाव लगातार बढ़ता गया। टीम ने गेंद पर कब्जा बनाए रखने के साथ सर्बिया के पेनल्टी एरिया के आसपास लगातार हमले किए। अपना डेब्यू कर रहे डेरी शेरहंट भी गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन उनका प्रयास लक्ष्य से थोड़ा बाहर रहा। दूसरी ओर सर्बिया के गोलकीपर जोर्डजे पेट्रोविच ने कई शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा।
ग्नाबरी को एक समय गोलकीपर के सामने आमने-सामने की स्थिति में गोल करने का बेहतरीन मौका मिला, लेकिन पेट्रोविच ने शानदार बचाव करते हुए जर्मनी को बढ़त लेने से रोक दिया। इसके बाद विर्ट्ज़ ने ग्नाबरी के क्रॉस पर हेडर के जरिए गोल करने की कोशिश की, लेकिन एक बार फिर सर्बियाई गोलकीपर ने गेंद को नेट तक पहुंचने नहीं दिया।
लगातार मौके बनाने के बावजूद गोल नहीं मिलने से जर्मनी पर दबाव बढ़ रहा था, लेकिन हाफ टाइम से ठीक पहले टीम का इंतजार खत्म हो गया। फ्लोरियन विर्ट्ज़ ने पेनल्टी एरिया के अंदर शानदार फुटवर्क दिखाते हुए सर्बियाई डिफेंडरों को छकाया और गोल की तरफ शॉट लगाया। गेंद गोलपोस्ट से टकराकर वापस मैदान में आई। टॉम बिस्चॉफ ने तेजी से प्रतिक्रिया करते हुए रिबाउंड पर गेंद को नेट के ऊपरी हिस्से में पहुंचा दिया।
यह बिस्चॉफ के अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल था। उनके गोल ने जर्मनी को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी और एलियांज एरिना में मौजूद घरेलू समर्थकों का उत्साह बढ़ा दिया। पहले हाफ में लगातार दबाव बनाने के बाद मिले इस गोल ने जर्मन टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
दूसरे हाफ में भी जर्मनी ने मैच पर अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने दी। सर्बिया बराबरी की तलाश में था, लेकिन मेजबान टीम ने उसे ज्यादा मौके नहीं दिए। जर्मनी ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए आक्रमण जारी रखा। सर्बियाई टीम के सामने जर्मनी के संगठित खेल को तोड़ना मुश्किल साबित हुआ।
फ्लोरियन विर्ट्ज़ ने पूरे मुकाबले में जर्मनी के आक्रमण में अहम भूमिका निभाई। पहले गोल की स्थिति बनाने के बाद उन्होंने खुद भी स्कोरशीट पर नाम दर्ज कराया। उनके गोल ने जर्मनी की बढ़त 2-0 कर दी और सर्बिया की वापसी की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। इसके बाद मेजबान टीम ने अपनी बढ़त को अंतिम सीटी तक बरकरार रखा और मुकाबला 2-0 से अपने नाम कर लिया।
यह जीत जुर्गन क्लॉप के लिए खास रही। जर्मनी के मैनेजर के रूप में शुरुआती तीन मैचों में जीत का इंतजार करने के बाद आखिरकार उनकी टीम ने सर्बिया के खिलाफ सफलता हासिल की। ग्रीस के खिलाफ मिली हार के बाद खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया भी सकारात्मक रही और टीम ने बेहतर तालमेल तथा आक्रामक खेल दिखाया।
इस नतीजे ने UEFA नेशंस लीग में जर्मनी की स्थिति को भी मजबूत किया है। लीग A में बने रहने की उसकी उम्मीदों को इस जीत से बल मिला है। वहीं सर्बिया के लिए स्थिति मुश्किल हो गई है। टीम पर अब निचली लीग में जाने का खतरा बढ़ गया है और आगामी मुकाबलों में उसे बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
जर्मनी के लिए इस मुकाबले की सबसे बड़ी सकारात्मक बात उसका लगातार मौके बनाना और विपक्षी टीम पर दबाव कायम रखना रहा। बिस्चॉफ का पहला अंतरराष्ट्रीय गोल और विर्ट्ज़ का प्रभावशाली प्रदर्शन टीम के लिए अहम साबित हुआ। क्लॉप के नेतृत्व में मिली पहली जीत के बाद अब जर्मनी की नजर आगे के मुकाबलों में इस लय को बरकरार रखने पर होगी।