पंत के कप्तान बनने पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने जताई चिंता
कप्तानी के दबाव से बचें ऋषभ पंत पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफर की सलाह
New Delhi: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने बड़ी सलाह दी है। जाफर ने कहा है कि अगर दिल्ली कैपिटल्स की ओर से पंत को दोबारा कप्तानी की जिम्मेदारी दी जाती है तो उन्हें इसे स्वीकार करने से इनकार कर देना चाहिए। उनके मुताबिक इस समय पंत को कप्तानी के दबाव से दूर रहकर अपनी बल्लेबाजी और फॉर्म पर पूरा ध्यान देना चाहिए।
ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी के बाद टीम की कप्तानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पंत पहले भी दिल्ली की कप्तानी कर चुके हैं और अब फ्रेंचाइजी के साथ दोबारा जुड़ने के बाद माना जा रहा है कि उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि वसीम जाफर का मानना है कि पंत के लिए फिलहाल खिलाड़ी के तौर पर प्रदर्शन करना ज्यादा जरूरी है।
कप्तानी के दबाव से प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है
वसीम जाफर ने कहा कि कप्तानी के साथ बल्लेबाजी विकेटकीपिंग और टीम मैनेजमेंट की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में पंत पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है। जाफर के अनुसार पंत को अपनी पुरानी लय हासिल करने और भारतीय टीम में सीमित ओवरों के प्रारूप में मजबूत वापसी पर ध्यान देना चाहिए। पूर्व क्रिकेटर का मानना है कि एक खिलाड़ी के रूप में पंत टीम के लिए ज्यादा प्रभावी साबित हो सकते हैं। कप्तानी की जिम्मेदारी लेने से उनका ध्यान बंट सकता है और इसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
पंत के लिए वापसी का अहम दौर
ऋषभ पंत पिछले कुछ समय से अपने करियर के चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। चोट से वापसी के बाद उन्होंने क्रिकेट में वापसी तो की है लेकिन सीमित ओवरों में उनके प्रदर्शन को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। ऐसे में जाफर का मानना है कि पंत को पहले अपनी बल्लेबाजी को मजबूत करना चाहिए। पंत अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और मैच बदलने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती तीनों प्रारूपों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की है।
दिल्ली कैपिटल्स के लिए भी बड़ा फैसला
दिल्ली कैपिटल्स के सामने भी कप्तानी को लेकर बड़ा फैसला होगा। टीम को ऐसा खिलाड़ी चाहिए जो लगातार प्रदर्शन करने के साथ नेतृत्व की जिम्मेदारी भी संभाल सके। हालांकि जाफर की सलाह के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या पंत को कप्तानी देने के बजाय किसी अन्य खिलाड़ी को मौका दिया जाना चाहिए। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पंत अगर बिना कप्तानी के खेलते हैं तो वह अपनी बल्लेबाजी पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे और टीम के लिए ज्यादा उपयोगी साबित हो सकते हैं।
पंत के सामने लक्ष्य वापसी और प्रदर्शन
ऋषभ पंत के लिए आने वाला समय बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत करने के लिए उन्हें लगातार बड़ी पारियां खेलनी होंगी। कप्तानी का दबाव छोड़कर अगर वह सिर्फ बल्लेबाजी पर ध्यान देते हैं तो यह उनके करियर के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। अब सबकी नजर दिल्ली कैपिटल्स के अगले फैसले और ऋषभ पंत की भूमिका पर टिकी हुई है।