IND vs WI। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरे और आखिरी वनडे मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए पारी को संभालना शुरू कर दिया है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने शुरुआत में शुभमन गिल और विराट कोहली के विकेट गंवा दिए थे। दोनों बड़े बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने के बाद भारतीय पारी पर दबाव बन गया था, लेकिन अब रोहित शर्मा और रुतुराज गायकवाड़ ने मोर्चा संभाल लिया है। दोनों बल्लेबाजों के बीच धीरे-धीरे साझेदारी पनप रही है और भारतीय टीम एक बार फिर मजबूत स्थिति की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही है।
भारत पहले ही तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुका है। ऐसे में टीम की नजर तीसरे मैच को भी जीतकर सीरीज में 3-0 की क्लीन स्वीप करने पर है। हालांकि मुकाबले की शुरुआत में ही गिल और कोहली जैसे दो अहम बल्लेबाजों के विकेट गिरने से वेस्टइंडीज को बढ़त मिल गई थी। अब रोहित और गायकवाड़ की साझेदारी ने भारतीय पारी को स्थिरता देने का काम शुरू किया है।
शुरुआती झटकों से दबाव में आया भारत
भारतीय पारी की शुरुआत रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने की थी। पिछले मैचों में दोनों की बल्लेबाजी का दबदबा देखने को मिला था। गिल ने दूसरे वनडे में शानदार दोहरा शतक लगाया था, जबकि रोहित ने भी उसी मुकाबले में शतकीय पारी खेली थी। ऐसे में तीसरे वनडे में भी दोनों से तेज शुरुआत की उम्मीद थी।
लेकिन वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने नई गेंद का बेहतर इस्तेमाल किया और गिल का विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद विराट कोहली बल्लेबाजी के लिए उतरे, लेकिन वह भी बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इस तरह भारत ने पांच रन से पहले ही दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए।
लगातार दो विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया था। ऐसे समय में रोहित शर्मा ने अनुभव का परिचय दिया और नए बल्लेबाज रुतुराज गायकवाड़ के साथ पारी को संभालना शुरू किया।
रोहित का अनुभव और गायकवाड़ का साथ
रोहित शर्मा भारतीय टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने शुरुआती झटकों के बाद तेजी से शॉट खेलने के बजाय पारी को संभालने पर ध्यान दिया। दूसरी ओर रुतुराज गायकवाड़ ने भी क्रीज पर समय बिताते हुए रोहित का साथ दिया।
दोनों बल्लेबाज फिलहाल स्ट्राइक रोटेट करते हुए स्कोर आगे बढ़ा रहे हैं। खराब गेंद मिलने पर बाउंड्री लगाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। शुरुआती विकेटों के बाद भारतीय टीम के लिए सबसे जरूरी था कि कोई और विकेट जल्दी न गिरे और यही जिम्मेदारी रोहित और गायकवाड़ निभाते दिखाई दे रहे हैं।
दोनों के बीच अभी साझेदारी पूरी तरह स्थापित नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से वे बल्लेबाजी कर रहे हैं, उससे भारतीय खेमे को राहत जरूर मिली है।
रोहित पर बड़ी जिम्मेदारी
विराट कोहली और शुभमन गिल के जल्दी आउट होने के बाद रोहित शर्मा की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। पिछले मैच में शतक लगाने वाले रोहित से एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है।
रोहित अगर लंबी पारी खेलने में सफल रहते हैं तो भारत शुरुआती संकट से आसानी से बाहर निकल सकता है। उनका अनुभव बड़े मुकाबलों में टीम के लिए काफी उपयोगी रहा है। इस समय उनकी कोशिश यही होगी कि एक छोर संभालकर गायकवाड़ के साथ साझेदारी को लंबा किया जाए।
रोहित को पावरप्ले के बाद फील्डिंग के फैलने का फायदा भी मिल सकता है। ऐसे में आने वाले ओवरों में उनके आक्रामक शॉट और भी देखने को मिल सकते हैं।
गायकवाड़ को मिला बड़ा मौका
रुतुराज गायकवाड़ के लिए यह मुकाबला अहम है। शीर्ष क्रम के दो स्थापित बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने के बाद उन्हें क्रीज पर पर्याप्त समय मिला है। ऐसे में यह पारी उनके लिए अपनी उपयोगिता साबित करने का अच्छा अवसर है।
गायकवाड़ को तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज माना जाता है और वह लंबे समय तक क्रीज पर टिककर पारी बनाने की क्षमता रखते हैं। फिलहाल उनकी प्राथमिकता रोहित के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने और भारतीय पारी को सुरक्षित स्थिति में ले जाने की है।
अगर दोनों बल्लेबाज अगले कुछ ओवरों तक टिक जाते हैं तो भारत के पास एक बार फिर बड़े स्कोर की नींव तैयार हो सकती है।
वेस्टइंडीज ने हासिल की शुरुआती सफलता
वेस्टइंडीज के लिए गिल और कोहली के विकेट बड़ी सफलता रहे। मेहमान टीम की कोशिश होगी कि इस दबाव को आगे भी कायम रखा जाए। भारतीय बल्लेबाजों को आसानी से रन नहीं देने और साझेदारी तोड़ने के लिए वेस्टइंडीज अपने गेंदबाजों का सही इस्तेमाल करना चाहेगा।
फिलहाल रोहित और गायकवाड़ की जोड़ी ने वेस्टइंडीज की शुरुआती बढ़त को कुछ हद तक कम कर दिया है। अब गेंदबाजों के सामने चुनौती है कि वे इस साझेदारी को ज्यादा लंबा न होने दें।
एक और विकेट मिलने पर भारतीय टीम दोबारा दबाव में आ सकती है। वहीं अगर रोहित और गायकवाड़ बड़ी साझेदारी करने में सफल होते हैं तो वेस्टइंडीज के लिए मुकाबले में वापसी करना मुश्किल हो सकता है।
भारत पहले ही सीरीज जीत चुका है
तीसरे वनडे का परिणाम सीरीज के विजेता को बदलने वाला नहीं है, क्योंकि भारत पहले ही 2-0 की बढ़त के साथ सीरीज अपने नाम कर चुका है। पहले मैच में भारत ने आठ विकेट से जीत हासिल की थी, जबकि दूसरे मुकाबले में भी भारतीय टीम ने लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया था।
पहले वनडे में विराट कोहली और शुभमन गिल दोनों ने शतक जड़े थे। दूसरे मैच में गिल ने दोहरा शतक लगाया और रोहित शर्मा ने भी शतकीय पारी खेली। भारतीय बल्लेबाजी के इस शानदार प्रदर्शन के बाद तीसरे वनडे में भी बड़े स्कोर की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन शुरुआत में दो विकेट जल्दी गिरने से समीकरण थोड़ा बदल गया।
वेस्टइंडीज के लिए आखिरी मौका
वेस्टइंडीज के लिए यह तीसरा मुकाबला सीरीज में जीत दर्ज करने का आखिरी मौका है। टीम शुरुआती दोनों मैच हार चुकी है और अब कम से कम एक जीत के साथ सीरीज का अंत करना चाहेगी।
गिल और कोहली के विकेट मिलने के बाद वेस्टइंडीज को अच्छी शुरुआत मिली है। अब उसकी नजर रोहित और गायकवाड़ की साझेदारी पर है। अगर गेंदबाज इस जोड़ी को तोड़ने में सफल रहते हैं तो भारत पर फिर दबाव बनाया जा सकता है।
मध्यक्रम को मिल सकता है मौका
अगर रोहित और गायकवाड़ लंबी साझेदारी बनाते हैं तो भारत का मध्यक्रम बाद के ओवरों में तेजी से रन जुटाने के लिए खुलकर खेल सकता है। टीम में अन्य बल्लेबाजी विकल्प मौजूद हैं, इसलिए एक स्थिर साझेदारी के बाद रन गति बढ़ाना भारत के लिए आसान हो सकता है।
लेकिन इसके लिए पहले रोहित और गायकवाड़ को वेस्टइंडीज के गेंदबाजों का दबाव झेलना होगा। शुरुआती विकेटों के बाद बल्लेबाजों को अनावश्यक जोखिम से बचते हुए पारी को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना होगा।
साझेदारी पर टिकी भारतीय पारी
फिलहाल भारतीय पारी की सबसे अहम कहानी रोहित शर्मा और रुतुराज गायकवाड़ की साझेदारी है। शुरुआती दो विकेट गिरने के बाद दोनों बल्लेबाजों ने पारी को संभालने की कोशिश शुरू कर दी है। उनकी साझेदारी अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन अगर यह आगे बढ़ती है तो भारत बड़े स्कोर की ओर कदम बढ़ा सकता है।
रोहित के अनुभव और गायकवाड़ की तकनीक के मेल से भारतीय टीम को स्थिरता मिल रही है। वेस्टइंडीज की कोशिश जल्द विकेट लेकर इस साझेदारी को तोड़ने की होगी, जबकि भारत चाहता है कि यह जोड़ी ज्यादा से ज्यादा देर तक क्रीज पर रहे।
फिलहाल मुकाबला उस चरण में है जहां एक विकेट मैच की दिशा बदल सकता है। शुभमन गिल और विराट कोहली के शुरुआती आउट होने के बाद रोहित शर्मा और रुतुराज गायकवाड़ ने भारतीय पारी को संभाल लिया है और दोनों के बीच साझेदारी पनप रही है। अब इस साझेदारी की लंबाई तय करेगी कि भारत शुरुआती संकट से कितनी मजबूती से बाहर निकलता है और आगे कितने बड़े स्कोर की नींव रख पाता है।