MUMBAI मुंबई। बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में ऑस्ट्रेलिया से मिली करारी हार के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम में एकता को बढ़ावा देने और टीम में सुपरस्टार संस्कृति को खत्म करने के लिए 10 सूत्रीय निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों की दो सबसे बड़ी खूबियां हैं- भारतीय टीम के खिलाड़ियों को नियमित अंतराल पर अपनी घरेलू टीम का प्रतिनिधित्व करना और परिवारों को आधिकारिक दौरों पर जाने से रोकना। भारत ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3-1 से सीरीज हारने के बाद वे यह स्थान खो बैठे।

अब खबर आ रही है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) परिवार के साथ रहने की नीति की समीक्षा कर सकता है और इसमें जरूरी बदलाव कर सकता है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि बोर्ड खिलाड़ियों को अपने परिवार और करीबी लोगों को दौरे पर लंबे समय तक साथ रखने की अनुमति दे सकता है। सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य दौरे पर तभी रह सकते हैं, जब बोर्ड से पूर्व अनुमति ली गई हो।

यह घटनाक्रम विराट कोहली द्वारा बीसीसीआई की पारिवारिक प्रतिबंध नीति की आलोचना करने और इस बात पर जोर देने के कुछ दिनों बाद आया है कि विदेशी दौरों पर मुश्किल समय में खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य उनकी मदद कैसे कर सकते हैं। आईपीएल के समापन के बाद भारत का अगला विदेशी दौरा इंग्लैंड का होगा और तभी यह नियम लागू हो सकता है। मौजूदा यात्रा नीति के अनुसार, जो खिलाड़ी 45 दिनों से अधिक समय के लिए दौरे पर हैं, उन्हें अपने साथी और बच्चों (18 वर्ष से कम) के साथ प्रति श्रृंखला एक यात्रा के लिए मिलने की अनुमति होगी।


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