नई दिल्ली: घरेलू क्रिकेट में एक दशक से ज्यादा समय तक लगातार मेहनत और धैर्य का परिणाम आखिरकार मध्य प्रदेश के ऑफ स्पिनर सारांश जैन को मिल गया है। लंबे इंतजार के बाद उन्हें श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल किया गया है।

सारांश जैन ने अपने क्रिकेट सफर में धैर्य और निरंतर मेहनत को सबसे अहम बताया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट खेलते हुए उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन सब्र बनाए रखा और अब उन्हें इसका फल मिला है।

सारांश जैन वर्ष 2014-15 में रणजी ट्रॉफी में अपना डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया और घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई।

ऑफ स्पिन गेंदबाजी में उनकी सटीक लाइन-लेंथ और बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करने के बाद आखिरकार उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है।

श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में शामिल होना सारांश जैन के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। सीरीज का पहला टेस्ट मुकाबला शनिवार को गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा।

अपने चयन की खबर मिलने वाले पल को याद करते हुए सारांश जैन ने बताया कि वह समय उनके लिए बेहद खास था। उन्होंने कहा कि जब उन्हें टीम में चुने जाने की जानकारी मिली, तब वह मंदिर जा रहे थे।

उन्होंने बताया कि उस दौरान उनके फोन पर लगातार कॉल और मैसेज आने लगे। शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर इतनी बधाइयां क्यों मिल रही हैं। बाद में जब उन्हें भारतीय टीम में चयन की जानकारी मिली तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

सारांश जैन ने कहा कि यह मौका उनके लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने अपने परिवार, कोच और उन सभी लोगों का आभार जताया जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया।

घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करना आसान नहीं होता। कई खिलाड़ी वर्षों तक घरेलू स्तर पर मेहनत करते हैं, लेकिन राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का मौका कुछ ही खिलाड़ियों को मिल पाता है।

सारांश जैन ने भी लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखी और हर सीजन में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश की। उनके इसी निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय टीम के दरवाजे तक पहुंचाया।

मध्य प्रदेश क्रिकेट में भी सारांश जैन के चयन को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। राज्य के कई खिलाड़ियों ने पहले भी भारतीय टीम में जगह बनाई है और अब सारांश जैन का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सारांश जैन की सबसे बड़ी ताकत उनका अनुभव है। घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक खेलने के कारण उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में गेंदबाजी करने का अनुभव मिला है।

श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम में शामिल होकर अब सारांश जैन के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का मौका होगा। हालांकि, अंतिम प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना उनके लिए चुनौती होगी, लेकिन टीम में शामिल होना ही उनके करियर का बड़ा पड़ाव है।

सारांश जैन का सफर उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो लंबे समय तक मेहनत करते हैं और मौके का इंतजार करते हैं। उन्होंने साबित किया है कि लगातार प्रयास और धैर्य के साथ लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज पर होगी, जहां सारांश जैन भारतीय टीम के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत करने की उम्मीद लेकर उतरेंगे।

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