आज हैं International Day against Drug Abuse and Illicit Trafficking, जानें इसका महत्व

दुनिया में हर साल 26 जून को अन्तरराष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध (नशा मुक्ति/निवारण) दिवस मनाया जाता है

Update: 2021-06-26 04:30 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | दुनिया में हर साल 26 जून को अन्तरराष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध (नशा मुक्ति/निवारण) दिवस (International Day against Drug Abuse and Illicit Trafficking) मनाया जाता है जिससे दुनिया में ज्यादा से ज्यादा लोगों को नशा की लत (Drug Addiction) और उससे होने वाली मौत से बचाया जा सके. इस दिन को मनाने का उद्देश्य दुनिया भर के लोगों के लिए शोध पड़ताल, आंकड़े, और तथ्यों को साझा करना है जिससे नशे की लत में पड़े लोगों का जीवन बचाया जा सके. संयुक्त राष्ट्र (United Nations) खुद इस दिन पर लोगों को कई तरह की गतिविधियां आयोजित करता है जिससे लोगों में इसके प्रति जागरुकता पैदा हो.

एक बड़ा उद्देश्य
अन्तरराष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध (नशा मुक्ति/निवारण) दिवस दुनिया भर के कार्यकर्ता, चिकित्सक, और नशा छोड़ने के लिए लोगों की मदद करने वाले संगठन और सरकारों के लिए एकता दिखाने का मौका भी होता है जिससे नशा करने वालों की मदद में आसानी हो सके. विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनौती से निपटने में सहयोग की अहम भूमिका होती है.
संयुक्त राष्ट्र का नजरिया
संयुक्त राष्ट्र के नशा और उससे संबंधित अपराध से निपटने वाली शाखा, यूनाइटेड नेशनस ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (UNODC) का भी कहना है कि साथ काम करके ही हम नशे की समस्या से निपट सकते हैं. कोविड-19 महामारी के समय भी हमें यही शिक्षा मिली है कि मिल कर किसी भी समस्या या आपदा से निपटा जा सकता है. विशेषज्ञ कहते हैं कि नशे की लत पड़ने की संभावना वाले लोगों की मदद में समुदायिक और पारिवरिक सहयोग अहम भूमिका निभाता है.
संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि नशे और नशीले पदार्थों की चुनौती से निपटने के लिए जानकारीयां साझा करना अहम है.
कब हुई थी इस दिन की शुरुआत
संयुक्त राष्ट्र की आमसभा ने 7 दिसंबर साल 1987 को समाज को नशे के खतरों से मुक्त बनाने के ले मजबूत कदम और वैश्विक एकता बनाने के प्रयास में 26 जून को अन्तरराष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध (नशा मुक्ति/निवारण) दिवस मनाने का फैसला किया. यह दिन लिन जेक्स्यू के रणनीतिक तौर पर ह्यूमेन, गुआंगडोंग, चीन में पहले अफीम युद्ध से ठीक पहले अफीम के व्यापार को तहस नहस करने के प्रयास के लिए भी जाना जाता है.
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क्या है साल 2021 की थीम
संयुक्त राष्ट्र ने अन्तरराष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध (नशा मुक्ति/निवारण) दिवस के लिए साल 2021 की शेयर फैक्ट्स ऑन ड्रग्स, सेव लाइव' रखी है. भारत में लोगों को यह संदेश साझा करने की जरूरत है. नशे का व्यापार भारत सहित दुनिया के कई देशों को बहुत नुकसान पहुंचाने वाला बनता जा रहा है. कई देश इस व्यापार में बर्बाद हो गए हैं.
चिंता की बात यह है कि महामारी के बाद भी पिछले साल नशा करना वालों (Drug Abusers) की संख्या में कमी नहीं आई है
नशीले पदार्थों का उपयोग बढ़ा
UNDC की 2021 वर्ल्ड ड्रग रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में 27.5 करोड़ लोगों ने पिछले साल नशा किया था. 3.6 करोड़ लोग नशे के विकार से पीड़ित थे. बहुत से देशों में महामारी के दौरान भांग का उपयोग बढ़ गया है. इसी दौर में फार्मासूटिकल्स दवा का गैर चिकित्सकीय उपयोग भी बढ़ने की रिपोर्ट आई है.
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तस्करी पर फर्क नहीं पड़ा महामारी का
करीब 1.1 करोड़ लोगों ने नशा इंजेक्शन से लिया है. इनमें से आधे लोगों को हैपिटाइटिस सी था. अफीम के जैसी दवाओं का नशे जैसे विकारों में योगदान जारी रहा है. कोविड-19 महामारी की शुरुआत में कुछ फर्क पड़ा था, लेकिन उसके बाद जल्दी ही नशा बाजार ने अपना काम करना शुरू कर दिया था. नशीले पदार्थों की तस्करी का आकार और मात्रा में बढ़ोत्तरी होती रही है. निजी विमानों का नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए उपयोग बढ़ता जा रहा है.


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