जनता से रिश्ता वेबडेसक| जानी मानी टेक दिग्गज आईबीएम (IBM) ने घोषणा की है कि वह नए साल में दुनिया का पहला व्यावहारिक क्वांटम कंप्यूटर (Practical Fully Function Quantum Computer) लॉन्च कर देगी।आइबीएम 2023 से पहले (वास्तविक लॉन्च साल ) ही 2021 में 127 क्यूबिट (Qbit) का क्वांटम कम्प्यूटर ईगल और 2022 तक 4333 क्यूबिट क्षमता वाला क्वांटम कम्प्यूटर ओसप्रे प्रैक्टिकल उपयोग के लिए बाजार में उतारेगी। ऐसा वह क्वांटम वॉल्यम को हर साल दोगुना कर के करेगी। इनको अपनाने के बाद संचार नेटवर्क, सेंसर, रोबोटिक्स, ऑग्मेंटेड और वर्चुअल रियलिटी, ब्लॉकचेन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आज की तुलना में अधिक सक्षम और हजार गुना तेज होंगे। यानी अगले 10 सालों में हम उतनी तरक्की कर लेंगे जितनी बीते 100 वर्षों में भी नहीं की।

2021 तक पहला वर्किंग क्वांटम कम्प्यूटर हो जाएगा लॉन्च
क्या है क्वांटम कम्प्यूटर्स
एक साधारण कंप्यूटर चिप बिट्स का उपयोग करता है। लेकिन बिट्स के बजाय क्वांटम कंप्यूटर क्यूबिट्स का उपयोग करते हैं। यानी बिट्स की तरह ऑन या ऑफ की बजाय ये क्यूबिट्स उस स्थिति में भी हो सकते हैं जिसे 'सुपरपोजिशन' कहा जाता है। इसे ऐसे समझें कि अगर हम एक साधारण कम्प्यूटर को भूलभुलैया से बाहर निकलने का रास्ता बताने के लिए कहें तो वह हर संभव रास्ते को बारी-बारी से आजमाएगा जब तक कि सही रास्ता न मिल जाए जबकि एक क्वांटम कंप्यूटर एक ही बार में भूलभुलैया से बाहर निकलने वाले हर संभावित रास्ते को दिखा सकता है। यह दो संभावित सिरों के बीच मौजूद अनिश्चितता को पकड़ लेता है जो साधारण कम्प्यूटर्स के बस की बात नहीं है।
क्या कर सकते हैं क्वांटम कम्प्यूटर्स
इससे हम ऐसे काम भी कर सकेंगे जिनके बारे में हमने कभी कल्पना तक नहीं की है। ज्यादा कुशल और आधुनिक उत्पाद, बेहतर चिकित्सा तकनीक, सस्ती दवाएं, बड़े पैमाने पर बेहतर सौर पैनलों का निर्र्माण, अल्जाइमर का कारगर इलाज, शेयर बाजार और मौसम का सटीक पूर्वानुमान, क्रिप्टोग्राफी में सुधार कर एन्क्रिप्शन सिस्टम को हैक होने से बचाना, संचार के तौैर-तरीकों औैर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) को पूरी तरह से बदलकर रख देगी।
क्वांटम कम्प्यूटिंग में अब तक
-फरवरी 2020 में क्वांटम कम्प्यूटिंग कंपनी डी-वेव सिस्टम्स इंक ने 'लीप-2' नाम से सर्विस लॉन्च की है जो दुनिया की पहली क्वांटम आधारित क्लाउड सर्विस है।
-मार्च 2020 में अमरीकी सेना की शोध शाखा ने एक ऐसा क्वांटम सेंसर विकसित किया है जो दुनिया भर में फैले रेडियो फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम पर संचार का पता लगाने में सक्षम है।
-अक्टूबर 2020में लोनक्यू नाम की कंपनी ने 32 क्यूबिट क्षमता वाले अगली पीढ़ी के क्वांटम कम्प्यूटर सिस्टम विकसित किया है। जिसकी क्वांटम वॉल्यूम क्षमता 40 लाख है। क्वांटम वॉल्यूम किसी क्वांटम मशीन की समग्र शक्ति का माप है।
-अक्टूबर 2020 में ही एक्रिडिटेड स्टैंडड्र्स कमेटी (ASC X9) ने क्वांटम तकनीक आधारित डिजिटल हस्ताक्षर के सार्वजनिक-कुंजी क्रिप्टोग्राफी (पब्लिक-की क्रिप्टोग्राफी) उपयोग के लिए एक नया मानक जारी किया।
-दिसंबर 2020 में चीन ने एक क्वांटम कंप्यूटिंग प्रणाली विकसित की है जिसे जियुझांग नाम दिया है। यह गूगल के बीते साल बनाए साइकैमोर क्वांटम कम्प्यूटर की तुलना में 10 अरब गुना तेज है। गॉसियन बोसोन सैंपलिंग का उपयोग करते हुए, जियुझांग ने 76 फोटॉन को कैप्चर किया था और क्वांटम वर्चस्व भी हासिल किया था।
-जल्द ही क्वांटम कम्प्यूटिंग क्लाउड सेवा के रूप में उपलब्ध हो सकती है। इतना ही नहीं यह, बिग डेटा एनालिटिक्स का भी एक अभिन्न हिस्सा बन सकता है।
-आईडीसी ने भविष्यवाणी की है कि 2023 तक, 25 फीसदी फॉच्र्यून 500 कंपनियां क्वांटम कंप्यूटिंग से बहुत आगे निकल जाएंगी।
-टेक दिग्गज आईबीएम का दावा है कि वह 2023 तक 1121 क्यूबिट प्रोसेसर वाला (कोड नेम कोंडोर) नाम का क्वांटम मशीन बना लेगा जो एक 10 फीट लंबे 'सुपर-फ्रिजर गोल्डआइ' में सेट किया जाएगा। यह ऑनलाइन और क्वांटम एडवांटेज देने में सक्षम होगा। यह सुपर फ्रिज एक साथ कई चिप्स की मदद से आंतरिक रूप से लाखों क्यूबिट नेटवर्क प्रदान कर सकेगा।
-गूगल का साइकैमोर नाम का क्वांटम कम्प्यूटिंग भी विकसित हो रहा है। इसने बीते साल 10 हजार साल की गणना 220 सेकंड्स में कर के दिखाई थी। गूगल अभी 53 क्यूबिट प्रोसेसिंग क्षमता है जिसे वह 2021 के शुरुआती महीनों में 102 क्यू प्रोटोटाइप और फिर 103 लॉजिकल क्यूबिट प्रोटोटाइप में विकसित करने का रोडमैप तैयार किया है।
-जापान की फुजित्सु एनिलिअर कंपनी ने क्वांटम कम्प्यूटिंग तकनीक से प्रेरित मशीन बनाई है जो आज के सामान्य कम्प्यूटटर से कई गुना तेज काम करती है। क्वांटम फिनोमेना से प्रेरित एक डिजिटल सर्किट डिज़ाइन का उपयोग करते हुए, डिजिटल एनिलिअर तेजी से जटिल कम्प्यूटिंग समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित करता है।


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