जनता से रिश्ता वेबडेस्क। आज के समय की पर्यावरण (Environmental) संबंधी सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है प्‍लास्टिक (Plastic). रोजमर्रा की जिंदगी में बड़े पैमाने पर प्‍लास्टिक का इस्‍तेमाल होता है और इससे ढेर सारा प्‍लास्टिक का कचरा इकट्ठा होता जा रहा है. एक नए अध्ययन (study) में दावा किया गया है कि यह प्‍लास्टिक मटैरियल ऐतिहासिक स्थलों पर भी मिल रहा है.


फिर से बनाए आयरन ऐज जैसे स्‍ट्रक्‍चर
ब्रिटेन के वेल्श पेम्ब्रोकशायर कोस्ट नेशनल पार्क में कैस्टेल हेन्‍लीस वह जगह है जहां करीब 2,000 साल पहले लौह युग (Iron Age) में एक गांव मौजूद था. बीते कई सालों में पुरातत्वविदों और शोधकर्ताओं ने यहां 4 गोलघर (roundhouses) बनाए हैं जैसे कभी इस प्राचीन गांव में थे.


प्राचीन गांव में इन स्‍ट्रक्‍चर्स को लगभग 30 साल पहले फिर से बनाया गया था ताकि यह समझा जा सके कि समय के साथ इसकी मटैरियल का क्षरण कैसे हुआ. लेकिन, शोधकर्ताओं को जो मिला वो अविश्वसनीय है. उन्‍हें यहां 2,000 प्लास्टिक आइटम मिले हैं

साइट पर मिला प्‍लास्टिक का ढेर सारा कूड़ा
इस हफ्ते जर्नल में प्रकाशित हुए अध्‍ययन से पता चलता है कि इस साइट पर मिले सामानों में प्लास्टिक के फूड रैप, कैंडी रैपर, बर्तन, बॉटल के ढक्‍कन, स्ट्रॉ, स्‍ट्रॉ रैपर और प्लास्टिक के बैग शामिल थे.

भले ही साइट को मेंटेन करके रखा गया और साफ-सफाई भी की गई लेकिन यहां आने वाले विजिटर्स ने गोलघरों के अंधेरे हिस्‍सों और बेंचों के नीचे प्‍लास्टिक की छोटी-छोटी चीजें छोड़ीं थीं.

सीएनएन ने यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल में ऑर्कियोलॉजी के प्रोफेसर हेरॉल्‍ड माय्टम के हवाले से कहा, 'यह साइट ग्रामीण इलाके में स्थित है इसीलिए यहां इतनी सारी मात्रा में प्‍लास्टिक कचरा मिलना आश्चर्य की बात है.'

उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस जगह का दौरा करने वाले बच्चों को बिना प्लास्टिक पैकिंग वाला लंच दिया जाता है, तो इससे बड़ा फर्क आएगा क्‍योंकि हर साल इस साइट पर करीब 6 हजार बच्चे आते हैं.


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