Lost Ship: सैन जोस नाम के एक डूबे हुए जहाज़ का मलबा कोलंबिया के तट के पास मिला है। यह कोई आम जहाज़ नहीं है; माना जाता है कि इसमें दुनिया का सबसे कीमती खजाना था। अनुमान है कि जहाज़ पर मौजूद सोने और चांदी की आज की कीमत लगभग $17 बिलियन (लगभग 1.4 ट्रिलियन भारतीय रुपये) है। एक नई स्टडी के अनुसार, यह जहाज़ स्पेनिश बेड़े का हिस्सा था। इस पर 1708 में अंग्रेजों ने हमला किया था और उसके बाद यह डूब गया। जब वैज्ञानिकों ने गहराई में मलबे की जांच की, तो उन्हें सोने के सिक्के, तोपें और मिट्टी के बर्तन मिले। यह जहाज़ स्पेन का था और दक्षिण अमेरिका से सोना, चांदी और दूसरी कीमती चीजें ले जा रहा था, जिनका इस्तेमाल युद्ध के खर्च के लिए किया जाना था। 1708 में, ब्रिटिश युद्धपोतों ने अचानक हमला कर दिया। हमले में जहाज़ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और अपने अनमोल खजाने के साथ समुद्र की तलहटी में डूब गया। मलबा सतह से 2,000 फीट नीचे पड़ा था।
खजाने में मिले सिक्के आधुनिक सिक्कों की तरह पूरी तरह गोल नहीं हैं, बल्कि अनियमित आकार के हैं। इन सिक्कों पर खास निशान हैं, जैसे यरूशलेम क्रॉस और समुद्र की लहरों के ऊपर खंभे। इन निशानों से वैज्ञानिकों को यह पहचानने में मदद मिली कि ये सिक्के स्पेनिश राजा के समय के हैं। शोधकर्ताओं ने यह भी पता लगाया कि ये सिक्के एंडीज पहाड़ों में खोदे गए सोने से बने थे।
यह खोज वैज्ञानिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह जहाज़ 300 साल पहले स्पेनिश साम्राज्य की शक्ति और उसके व्यापार के तरीके के बारे में जानकारी देता है। जहाज़ पर मिले सिक्के और धातु पेरू और बोलीविया के पहाड़ी इलाकों से आए थे। उस समय, समुद्र ब्रिटिश नौसेना और समुद्री डाकुओं से खतरों से भरा था। यह खोज उस समय की टेक्नोलॉजी और अलग-अलग देशों के बीच व्यापारिक संबंधों पर नई रोशनी डालेगी।