कब है विनायक चतुर्थी व्रत
शास्त्रों में बताया कि विनायक चतुर्थी के दिन व्यक्ति को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए
हिन्दू धर्म में चतुर्थी व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। बता दें कि प्रत्येक मास में दो चतुर्थी व्रत रखे जाते हैं। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर संकष्टी चतुर्थी व्रत और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर कब है विनायक चतुर्थी व्रत। ज्योतिष पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन विनायक चतुर्थी व्रत रखा जाएगा। मान्यता है कि इस विशेष दिन पर भगवान गणेश की उपासना करने से साधक को धन, ऐश्वर्य और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कब है विनायक चतुर्थी व्रत, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
विनायक चतुर्थी 2023 व्रत तिथि (Vinayaka Chaturthi 2023 Date)
फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 23 फरवरी 2023, रात्रि 01 बजकर 54 मिनट से
फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि समाप्त: 24 फरवरी 2023, मध्यरात्रि 12 बजकर 03 मिनट तक
विनायक चतुर्थी व्रत तिथि: 23 फरवरी 2023, गुरुवार
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06 बजकर 05 मिनट से 24 फरवरी 2023, सुबह 02 भजर 14 मिनट तक
विनायक चतुर्थी 2023 पूजा विधि (Vinayaka Chaturthi 2023 Puja Vidhi)
शास्त्रों में बताया कि विनायक चतुर्थी के दिन व्यक्ति को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए। स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य जरूर दें। इसके बाद विनायक चतुर्थी व्रत का संकल्प लें और भगवान गणेश की विधिवत पूजा करें। पूजा में गणपति जी को गंध, पुष्प, धूप, दीप इत्यादि अर्पित करें और भोग में नारियल से बनी मिठाई या मोदक चढ़ाएं। इसके बाद गणपति जी के प्रिय स्तोत्र का पाठ करें और अंत में आरती के बाद अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा मांगे।
विनायक चतुर्थी 2023 मंत्र (Vinayaka Chaturthi Ganesha Mantra)
1. वक्र तुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ:।
निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभ कार्येषु सर्वदा ।।
2. गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारु भक्षणम्ं ।
उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ।।
3. सिद्धिबुद्धि पते नाथ सिद्धिबुद्धिप्रदायिने ।
मायिन मायिकेभ्यश्च मोहदाय नमो नमः ।।