ज्योतिष शास्त्र में राहु को पाप ग्रह माना गया है. राहु जब अशुभ होता है तो व्यक्ति का जीवन, परेशानी, बाधा और संकट से भर देता है. राहु और केतु के संयोग से ही कालसर्प दोष का निर्माण होता है, इसके साथ ही पितृ दोष की स्थिति भी उत्पन्न होती है. इसलिए राहु को शांत रखना बहुत जरूरी बताया गया है.

लाल किताब और वास्तु शास्त्र में घर के शौचालय को राहु का स्थान माना गया है. गंदगी आदि से राहु को बल मिलता है, और अशुभ फलों में वृद्धि होती है. इसलिए घर के शौचालय को सदैव ही साफ सुथरा रखना चाहिए. यदि ऐसा नहीं करते हैं तो इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
रोग का खतरा
शौचालय को स्वच्छ न रखने से बीमारी होने का खतरा बना रहता है. संक्रामक रोग पनपते हैं. जिस कारण घर के सदस्यों की सेहत पर खतरा बना रहता है.
नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि
शौचालय को साफ न रखने से घर की नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है. घर में जब नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है तो घर की सदस्यों की प्रगति पर बुरा असर पड़ता है. इसके साथ ही मान सम्मान में भी कमी आती है.
दांपत्य जीवन पर प्रभाव
शोचालय को गंदा और हमेशा गीला रखने से दांपत्य जीवन पर प्रभाव पड़ता है. इस कारण मन मुटाव, कलह और तनाव की स्थिति भी बनी रहती है. इसलिए शौचालय को हमेशा सूखा और साफ रखने का प्रयास करना चाहिए. इसके साथ इन बातों का भी ध्यान रखना चाहिए-
शौचालय में टूट-फूट नहीं होनी चाहिए.
शौचालय को गंदा नहीं रखना चाहिए.
शौचालय को साफ और सूखा रखें.
शौचालय में नल आदि से पानी नहीं टपकना चाहिए.
ईशान कोण में शौचालय होने से धन की हानि होती है.
शौचालय को सुदंर और दुर्गंध रहित रखना चाहिए.
शौचालय की सीढ़िंयों को सदैव साफ रखें.


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