Vastu Tips: कई बार ऐसा होता है कि कुछ घरों में पैसों की तंगी लगातार बनी ही रहती है। पति-पत्नी दोनों मिलकर कमाते हैं उसके बाद भी घर में आर्थिक तंगी खत्म होने का नाम नहीं लेती। फालतू चीजों में पैसे खर्च हो जाते हैं और आप चाहकर भी पैसों की बचत जरा भी नहीं कर पाते हैं। वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार आपके घर में मौजूद वास्तु दोष आर्थिक तंगी की वजह हो सकते हैं। हम आपको ऐसे ही कुछ वास्तु दोष बताने जा रहे हैं ताकि आप भी इन्हें चेक करके दूर कर सकें।
बेडरूम में बिस्तर के सामने आईना
बेडरूम में बिस्तर के सामने आईना होना बहुत ही गलत माना जाता है। यह वास्तु दोष होने की एक बड़ी वजह है। अगर आपके घर में भी ऐसा है तो इसे अभी बदल दें। ऐसे घरों में अक्सर पति और पत्नी में झगड़ा होता है और सुख शांति का अभाव बना रहता है। भूलकर भी बिस्तर के सामने आईना न लगाएं। इसे हटा पाना संभव न हो तो ढक दें।
किचन में एक ही दिशा में गैस स्टोव और जल स्रोत
अगर आपके घर में किचन में एक ही दिशा में गैस स्टोव और पानी का स्रोत है तो यह भी एक बड़ा वास्तु दोष है। इसे तुरंत सही कर लें। रसोई में गैस स्टोव को दक्षिण दिशा में रखना सबसे अच्छा माना जाता है। इस दिशा में रखने से आपसी संबंध मधुर बने रहते हैं और पैसों की कमी नहीं होती।
घर के दरवाजे और खिड़की टूटे होना
अगर आपके घर में खिड़की दरवाजे टूटे हैं या फिर उनसे आवाज आती है तो यह एक बड़ा वास्तु दोष माना जाता है। टूट-फूट की मरम्मरत करवा लें। खिड़की दरवाजों से किसी प्रकार की आवाज आने से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। इसलिए समय समय पर इनके कब्जों में तेल डालते रहें ताकि आवाज न आए।
घर के मध्य भाग में भारी सामान
अगर आपके घर के मध्य भाग यानी कि बीचोंबीच में कोई भारी सामान रखा है तो इसे तुरंत हटा दें। ऐसा होने पर परिवार के मुखिया पर कर्ज का बोझ बना रहता है और उसे कभी मुक्ति नहीं मिलती। भूलकर भी घर के बीच में कोई भारी सामान न रखें। यह घर में Positive ऊर्जा के प्रवाह को भी बाधित करता है।
मुख्य द्वार के सामने कोई रुकावट होना
घर में सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए मुख्य द्वार का साफ-सुथरा और व्यवस्थित होना बेहद जरूरी माना जाता है। ध्यान दें कि मुख्य द्वार के ठीक सामने कोई बड़ा पेड़ या फिर कोई बड़ा खंबा या फिर कोई अन्य प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए। ऐसा होने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और आपके घर से दूर चली जाती हैं।