Tulsi Plant Direction Tips: घर में इस दिशा में भूलकर भी न लगाएं तुलसी, वर्ना दुर्भाग्य नहीं छोड़ेगा पीछा
Tulsi Plant Direction Tips: हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा सिर्फ़ एक पौधा नहीं, बल्कि एक देवी है। इसे भगवान विष्णु की प्रिय और "हरिप्रिया" भी कहा जाता है। जिस घर में तुलसी की रेगुलर पूजा होती है, उसे सुख, समृद्धि और पॉज़िटिव एनर्जी का आशीर्वाद माना जाता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि गलत दिशा में तुलसी का पौधा लगाने से शुभ फल मिलने के बजाय गंभीर वास्तु दोष और पैसे का नुकसान हो सकता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुछ दिशाएँ ऐसी हैं जहाँ तुलसी का पौधा लगाना सख्त मना है। आइए जानें कि किन दिशाओं में गलती से भी तुलसी का पौधा नहीं लगाना चाहिए और इसे लगाने का सही तरीका क्या है।
किस दिशा में तुलसी लगाना मना है?
वास्तु एक्सपर्ट और ज्योतिषियों के अनुसार, आपको कभी भी दक्षिण दिशा में तुलसी का पौधा नहीं लगाना चाहिए।
दक्षिण दिशा में तुलसी लगाने का कारण:
यम और पितरों की दिशा: वास्तु और हिंदू मान्यताओं के अनुसार, दक्षिण दिशा को यम (मृत्यु के देवता) और पितरों (पूर्वजों) की दिशा माना जाता है।
नेगेटिव एनर्जी का फ्लो: इस दिशा में तुलसी का पौधा लगाने से घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो रुक जाता है और नेगेटिविटी बढ़ती है।
गंभीर वास्तु दोष: इस दिशा में तुलसी लगाने से परिवार के सदस्यों के बीच झगड़े बढ़ते हैं और पैसे की तंगी हो सकती है। यह दुर्भाग्य को आकर्षित करता है और घर से खुशहाली दूर कर सकता है।
अगर आपके घर में तुलसी का पौधा दक्षिण दिशा में लगा है, तो उसे तुरंत हटाकर सही दिशा में लगा दें।
तुलसी लगाने की सबसे शुभ और सही दिशाएँ
तुलसी के पौधे से शुभ फल पाने के लिए, इसे हमेशा सही दिशा में लगाना चाहिए।
दिशागत वास्तु महत्व और लाभ:
उत्तर: जल और धन के देवता कुबेर की दिशा। यह धन, सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य बढ़ाता है।
उत्तर-पूर्व: भगवान शिव की दिशा और देवताओं का स्थान। यह घर में पॉजिटिव एनर्जी, शांति और ज्ञान लाता है।
पूर्व: सूर्य देव की दिशा। इससे शुभता और स्वास्थ्य बढ़ेगा।
सबसे अच्छी जगह: तुलसी को हमेशा आंगन के बीच में या मेन गेट के पास लगाना सबसे शुभ माना जाता है।
तुलसी के पौधे से जुड़ी कुछ ज़रूरी बातें और नियम:
इसे ज़मीन पर न लगाएं: तुलसी को कभी भी सीधे ज़मीन में नहीं लगाना चाहिए। इसे हमेशा गमले में लगाएं।
साफ़-सफ़ाई: तुलसी के पौधे के आस-पास की जगह को हमेशा साफ़ रखें। इसके पास झाड़ू, डस्टबिन या जूते न रखें।
रविवार और एकादशी: रविवार और एकादशी को तुलसी के पत्ते न तोड़ें और न ही पौधे को छुएं।
शाम की पूजा: शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं। इससे देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
सूखी तुलसी: अगर तुलसी का पौधा सूख जाए, तो उसे तुरंत हटाकर किसी पवित्र नदी या तालाब में विसर्जित कर दें और उसकी जगह नया पौधा लगा दें।