कल गंगा दशहरा पर इन 5 शुभ मुहूर्तों में करें मां गंगा की पूजा

हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का बहुत अधिक महत्व होता है।

Update: 2021-06-19 13:03 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क| हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का बहुत अधिक महत्व होता है। इस दिन विधि- विधान से मां गंगा की पूजा- अर्चना की जाती है। हर साल ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर गंगा दशहरा का पावन पर्व मनाया जाता है। इस साल गंगा दशहरा का पावन पर्व कल यानी 20 जून को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर आईं थीं। इस बार कोरोना वायरस की वजह से घर में रहकर ही मां गंगा की पूजा- अर्चना करें। आइए जानते हैं गंगा दशहरा पूजा- विधि, महत्व, मंत्र, आरती और शुभ मुहूर्त...

गंगा दशहरा मुहूर्त

इन 5 शुभ मुहूर्तों में करें मां गंगा की पूजा- अर्चना

ब्रह्म मुहूर्त- 04:03 ए एम से 04:44 ए एम

अभिजित मुहूर्त- 11:55 ए एम से 12:51 पी एम

विजय मुहूर्त- 02:42 पी एम से 03:38 पी एम

गोधूलि मुहूर्त - 07:08 पी एम से 07:32 पी एम

अमृत काल- 12:52 पी एम से 02:21 पी एम

गंगा दशहरा पूजा- विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। इस दिन गंगा नदी में स्नान का विशेष महत्व होता है, लेकिन इस बार कोरोना वायरस की वजह से गंगा स्नान नहीं कर सकते हैं, इसलिए घर में रहकर ही नहाने के पानी में गंगा जल डालकर मां गंगा का ध्यान कर स्नान करें।

घर के मंदिर में गंगा जल का छिड़काव करें और दीप प्रज्वलित करें।

इस दिन मां गंगा का अधिक से अधिक ध्यान करें।

मां गंगा को भोग लगाएं। इस बात का ध्यान रखें भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।

इस दिन दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। अपनी क्षमता के अनुसार दान जरूर करें।

घर में रहकर ही मां गंगा की आरती करें।

मां गंगा चालीसा का पाठ करने से भी शुभ फल की प्राप्ति होती है।

गंगा दशहरा का महत्व

इस पावन दिन मां गंगा की पूजा- अर्चना करने से सभी तरह के दोषों से मुक्ति मिल जाती है।

मां गंगा की पूजा अर्चना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

मां गंगा की पूजा करने से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है।



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