शक संवत 1948, भाद्रपद, कृष्ण, पंचमी, बुधवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 2 सितंबर सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक। पंचमी तिथि प्रातः 06 बजकर 12 मिनट तक उपरांत षष्ठी तिथि का आरंभ (अगले दिन तड़के 04:25 बजे, 3 सितंबर तक)।

भरणी नक्षत्र अगले दिन तड़के 01 बजकर 43 मिनट (3 सितंबर) तक उपरांत कृत्तिका नक्षत्र का आरंभ। ध्रुव योग रात्रि 09 बजकर 12 मिनट तक उपरांत व्याघात योग का आरंभ। तैतिल करण प्रातः 06 बजकर 12 मिनट तक उपरांत गरज करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात मेष राशि पर संचार करेगा।

 सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 05:59 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:42 बजे

चंद्रोदय का समय: रात्रि 09:45 बजे

चंद्रास्त का समय: प्रातः 10:50 बजे (3 सितंबर)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: मेष राशि में स्थित हैं

आज का शुभ मुहूर्त 2 सितंबर 2026 :

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त : आज कोई नहीं है।

अमृत काल : रात्रि 09 बजकर 06 मिनट से रात्रि 10 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

आज का चौघड़िया मुहूर्त 2 सितंबर 2026 :

लाभ (उन्नति) : सुबह 05 बजकर 59 मिनट से 07 बजकर 35 मिनट तक।

अमृत (सर्वोत्तम) : सुबह 07 बजकर 35 मिनट से 09 बजकर 10 मिनट तक।

काल (सामान्य) : सुबह 09 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट तक।

शुभ (उत्तम) : सुबह 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 2 सितंबर 2026 :

राहुकाल : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

गुलिक काल : सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।

यमगंड : सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।

आज का उपाय : आज बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करें, उन्हें दूर्वा अर्पित करें और मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।

 

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