नई दिल्ली: खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए चंद्र ग्रहण हमेशा खास आकर्षण का केंद्र रहता है। हाल ही में 28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण हुआ, जिसमें चंद्रमा का बड़ा हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में चला गया था। हालांकि भारत के खगोल प्रेमी इस नजारे को नहीं देख सके, क्योंकि ग्रहण के समय देश में दिन था और चंद्रमा क्षितिज के नीचे था।

28 अगस्त को हुए आंशिक चंद्र ग्रहण की मुख्य आंशिक अवस्था भारतीय समयानुसार सुबह करीब 8:04 बजे शुरू होकर 11:21 बजे तक चली। ग्रहण अपने अधिकतम स्तर पर सुबह करीब 9:43 बजे पहुंचा। यानी चंद्रमा पर पृथ्वी की गहरी छाया का असर लगभग 3 घंटे 17 मिनट तक रहा। वहीं उपच्छाया चरण को शामिल करने पर पूरी खगोलीय घटना करीब साढ़े पांच घंटे तक चली।
इस ग्रहण की खासियत यह थी कि अधिकतम अवस्था में चंद्रमा का अधिकांश हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया यानी अंब्रा में चला गया। इसी कारण यह लगभग पूर्ण चंद्र ग्रहण जैसा दिखाई दिया। यह नजारा उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के बड़े हिस्सों के साथ यूरोप और अफ्रीका के कई क्षेत्रों से देखा गया।
भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं दिया। नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, रायपुर समेत देश के किसी भी हिस्से में इसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सका। इसी कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में इस ग्रहण का सूतक काल भी लागू नहीं माना गया।
अब सवाल है कि भारत में अगला चंद्र ग्रहण कब दिखाई देगा? उपलब्ध खगोलीय कैलेंडर के अनुसार भारत से दिखाई देने वाला अगला चंद्र ग्रहण 20-21 फरवरी 2027 को होगा। यह एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण (Penumbral Lunar Eclipse) होगा। इसमें चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया में प्रवेश करने के बजाय उसकी बाहरी हल्की छाया से गुजरेगा। इस वजह से चंद्रमा की चमक में बहुत हल्का बदलाव दिखाई देगा, जिसे सामान्य आंखों से पहचानना अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है।
उपच्छाया चंद्र ग्रहण में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की स्थिति ऐसी होती है कि पृथ्वी सूर्य की रोशनी को पूरी तरह रोकने के बजाय उसका कुछ हिस्सा ही चंद्रमा तक पहुंचने से रोकती है। इसलिए चंद्रमा पूरी तरह काला या गहरा लाल नहीं होता, बल्कि उसकी चमक थोड़ी फीकी नजर आती है।
अगर बात ज्यादा स्पष्ट और आकर्षक चंद्र ग्रहण की करें तो भारत में अगला आंशिक चंद्र ग्रहण 6-7 जुलाई 2028 को दिखाई देगा। इसके बाद 31 दिसंबर 2028 को भारत से पूर्ण चंद्र ग्रहण देखने का अवसर मिलेगा।
चंद्र ग्रहण को देखने के लिए सूर्य ग्रहण की तरह विशेष चश्मे की जरूरत नहीं होती। इसे सामान्य आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है। हालांकि टेलीस्कोप या दूरबीन से ग्रहण के अलग-अलग चरणों को ज्यादा स्पष्ट तरीके से देखा जा सकता है।
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