अंग्रेजी तारीख 06 मई 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल: दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक। चतुर्थी तिथि: प्रातः 07 बजकर 51 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पंचमी शुरू होगी। मूल नक्षत्र: दोपहर 03 बजकर 54 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा। सिद्ध योग: रात्रि 01 बजकर 12 मिनट (07 मई) तक है। चंद्रमा: दिन-रात धनु राशि में संचार करेगा।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि

कृष्ण चतुर्थी – प्रातः 07:51 बजे तक, फिर पंचमी

योग सिद्ध – रात्रि 01:12 बजे (07 मई) तक, फिर साध्य

करण बालव – प्रातः 07:51 बजे तक

करण कौलव – रात्रि 09:03 बजे तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय

प्रातः 05:37 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 06:59 बजे

चंद्रोदय का समय रात्रि 11:23 बजे

चंद्रास्त का समय प्रातः 08:31 बजे

आज के व्रत त्योहार कोई मुख्य नहीं।

आज का शुभ मुहूर्त 06 मई 2026

अभिजीत मुहूर्त

आज कोई नहीं है

अमृत काल प्रातः 08 बजकर 42 मिनट से प्रातः 10 बजकर 30 मिनट तक

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 07 मिनट से 04 बजकर 52 मिनट तक

आज का अशुभ मुहूर्त 06 मई 2026

राहुकाल

दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक

गुलिक काल सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक

यमगंड सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक

आज का नक्षत्र

मूल नक्षत्र: दोपहर 03:54 बजे तक, फिर पूर्वाषाढ़ा

स्थान: 0° धनु राशि से 13°20’ धनु राशि तक

नक्षत्र स्वामी: केतु

राशि स्वामी: बृहस्पतिदेव

देवता: निर्ऋति (विनाश और परिवर्तन की देवी)

प्रतीक: पेड़ की जड़ें

गुण: इस नक्षत्र में जन्मे लोग स्वाभिमानी, अनुशासित और गंभीर स्वभाव के होते हैं। ये उदार, ईमानदार और आध्यात्मिक ज्ञान रखने वाले होते हैं। आत्म-चिंतन करना और नियमों का पालन करना इनकी मुख्य विशेषता है।

आज का उपाय : आज गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और 'ॐ गं गणपतये नमः' का जाप करें। बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल का दान करना जीवन में सुख-शांति और कार्यों में सफलता के लिए बहुत शुभ रहता है।

 

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