शनिवार, 4 अप्रैल 2026 को वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 10:08 बजे तक रहेगी, जिसके बाद तृतीया तिथि लग जाएगी। आज चंद्रदेव तुला राशि और स्वाती नक्षत्र में रहेंगे। इस नक्षत्र के देवता 'वायुदेव' हैं, जिसके प्रभाव से आपके स्वभाव में एक स्वतंत्र सोच और नयापन बना रहेगा। आज आपकी बुद्धिमानी और शिष्ट व्यवहार दूसरों को प्रभावित करने में मदद करेगा।

आज दोपहर 02:17 बजे तक हर्षण योग रहेगा, जो मन को प्रसन्न रखने और खुशहाली देने वाला है। इसके बाद वज्र योग शुरू होगा। आज के दिन आपका संयम और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण आपको आगे बढ़ने के मार्ग दिखाएगा। यदि मन में कोई उलझन महसूस हो, तो उसे केवल सुधार के एक संकेत के रूप में देखें और सहज बने रहें। किसी भी जरूरी काम की शुरुआत के लिए दोपहर 11:59 से 12:49 बजे तक का समय बहुत शुभ है। सुबह राहुकाल के दौरान थोड़ा संभलकर रहना ठीक रहेगा।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि

कृष्ण द्वितीया – प्रातः 10:08 बजे तक, फिर तृतीया

योग हर्षण – दोपहर 02:17 बजे तक, फिर वज्र

करण गरज – प्रातः 10:08 बजे तक

करण वणिज – रात्रि 11:01 बजे तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय

प्रातः 06:08 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 06:41 बजे

चंद्रोदय का समय रात्रि 09:01 बजे

चंद्रास्त का समय प्रातः 06:58 बजे

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव

मीन राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव तुला राशि में स्थित हैं

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 11:59 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक

अमृत काल दोपहर 11:59 बजे से दोपहर 01:44 बजे तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल

प्रातः 09:16 बजे से प्रातः 10:50 बजे तक

गुलिकाल प्रातः 06:08 बजे से प्रातः 07:42 बजे तक

यमगण्ड दोपहर 01:58 बजे से सायं 03:32 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव स्वाती नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

स्वाती नक्षत्र: रात्रि 09:35 बजे तक

स्थान: 6°40’ तुला राशि से 20°00’ तुला राशि तक

नक्षत्र स्वामी: राहु

राशि स्वामी: शुक्रदेव

देवता: वायुदेव (पवन के देवता)

प्रतीक: हवा में झूलता हुआ नया अंकुर

सामान्य विशेषताएं: स्वतंत्र स्वभाव, लचीले, शिष्ट व्यवहार, बुद्धिमान, कुशल प्रशासक, कूटनीतिज्ञ, आत्म-नियंत्रण रखने वाले, कर्तव्यपरायण, कानूनप्रिय, शांतिप्रिय, दयालु, आकर्षक और सुंदर।


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