शक संवत 1948, श्रावण, शुक्ल, पूर्णिमा, शुक्रवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 28 अगस्त सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक। पूर्णिमा तिथि प्रातः 09 बजकर 48 मिनट तक उपरांत भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा तिथि का आरंभ।

शतभिषा नक्षत्र अगले दिन तड़के 03 बजकर 13 मिनट (29 अगस्त) तक उपरांत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ। अतिगण्ड योग प्रातः 07 बजकर 28 मिनट तक उपरांत सुकर्मा योग का आरंभ। बव करण प्रातः 09 बजकर 48 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात कुंभ राशि पर संचार करेगा।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 05:57 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:47 बजे

चंद्रोदय का समय: सायं 06:58 बजे

चंद्रास्त का समय: चंद्रास्त नहीं

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं

आज का शुभ मुहूर्त 28 अगस्त 2026 :

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।

अमृत काल : सायं 07 बजकर 44 मिनट से रात्रि 09 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।

आज का चौघड़िया मुहूर्त 28 अगस्त 2026 :

चर (सामान्य) : सुबह 05 बजकर 57 मिनट से 07 बजकर 33 मिनट तक।

लाभ (उन्नति) : सुबह 07 बजकर 33 मिनट से 09 बजकर 10 मिनट तक।

अमृत (सर्वोत्तम) : सुबह 09 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक।

काल (सामान्य) : सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 28 अगस्त 2026 :

राहुकाल : सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।

गुलिक काल : सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।

यमगंड : दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से शाम 05 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।

रक्षा बंधन 2026

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त: सुबह 05:57 से 09:48 बजे तक

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 27 अगस्त, सुबह 09:08 बजे

पूर्णिमा तिथि समाप्त: 28 अगस्त, सुबह 09:48 बजे

आज का उपाय : आज रक्षा बंधन और शुक्रवार के पावन अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा करें, कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें और बहनों को उपहार देकर उनका आशीर्वाद लें।


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