शक संवत 1948, श्रावण, शुक्ल, अष्टमी, गुरुवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 20 अगस्त सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से दोपहर 03 बजकर 30 मिनट तक। अष्टमी तिथि रात्रि 09 बजकर 18 मिनट तक उपरांत नवमी तिथि का आरंभ।

विशाखा नक्षत्र प्रातः 09 बजकर 08 मिनट तक उपरांत अनुराधा नक्षत्र का आरंभ। इन्द्र योग अगले दिन तड़के 04 बजकर 25 मिनट (21 अगस्त) तक उपरांत वैधृति योग का आरंभ। विष्टि करण प्रातः 08 बजकर 15 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात वृश्चिक राशि पर संचार करेगा।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 05:53 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:56 बजे

चंद्रोदय का समय: दोपहर 01:16 बजे

चंद्रास्त का समय: रात्रि 11:24 बजे

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: वृश्चिक राशि में स्थित हैं

आज का शुभ मुहूर्त 20 अगस्त 2026 :

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।

अमृत काल : का समय अगले दिन मध्यरात्रि 12 बजकर 17 मिनट से तड़के 02 बजकर 04 मिनट (21 अगस्त) तक रहेगा।

आज का चौघड़िया मुहूर्त 20 अगस्त 2026 :

शुभ (उत्तम) : सुबह 05 बजकर 53 मिनट से 07 बजकर 31 मिनट तक।

रोग (सामान्य) : सुबह 07 बजकर 31 मिनट से 09 बजकर 09 मिनट तक।

उद्वेग (सामान्य) : सुबह 09 बजकर 09 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक।

चर (सामान्य) : सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 20 अगस्त 2026 :

राहुकाल : दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

गुलिक काल : सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

यमगंड : सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

आज का उपाय : आज गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें, केले के वृक्ष में जल अर्पित करें और चने की दाल का दान करें।


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