जनता से रिश्ता बेवङेस्क | सकट चौथ का पर्व इस साल 31 जनवरी को मनाया जाने वाला है। आप सभी जानते ही होंगे कि सकट चौथ को तिलकुटा चौथ, संकटा चौथ, माघी चतुर्थी के नाम से भी पुकारा जाता है। जी दरअसल इसी दिन महिलाएं अपनी संतान की सलामती और लंबी उम्र के लिए गणेश भगवान की पूजा अर्चना करती हैं। केवल यही नहीं बल्कि रात में भगवान चन्द्रमा की भी पूजा की जाती है। वहीं इस दौरान उनकी कथा पढ़कर और आरती कर उन्हें खुश किया जाता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं चंद्रदेव की आरती।

चंद्रदेव की आरती-

ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा।

दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी।

रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी। दीन दयाल दयानिधि, भव बंधन हारी।

जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे।

सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि।

योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें।

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, संत करें सेवा।

वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी।

प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी।

शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी।

धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावे।

विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी।

सब जग के नर नारी, पूजा पाठ करें।

ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा।

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